आगरा साइबर क्राइम पुलिस की टीम ने एक बड़े वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर Deepak Kumar के निर्देशों और अपराधियों के खिलाफ उनकी जीरो-टोलरेंस पॉलिसी के तहत की गई है।
पकड़े गए आरोपी पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देने का आरोप है। इस नौकरी के फर्जी रैकेट के जरिए आरोपी ने कई पीड़ितों से लाखों रुपये की ठगी की थी।
तलाशी के दौरान मोबाइल फोन बरामद
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसकी तलाशी ली। इस दौरान उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
बरामद किए गए फोन में एक Redmi 13C 5G मॉडल का है और दूसरा Infinix मॉडल X6625 है। पुलिस इन उपकरणों की जांच कर रही है।
साइबर क्राइम सिंडिकेट पर पुलिस की कार्रवाई
DCP (Western/Cyber Crime) Commissionerate Agra, Mr. Aditya ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पुलिस क्षेत्र में सक्रिय संगठित साइबर क्राइम सिंडिकेट्स से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
आगरा में पिछले कुछ समय से साइबर अपराधियों की गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। हाल ही में डिजिटल अरेस्ट का एक गंभीर मामला सामने आया था, जिसमें 27 अगस्त से 18 सितंबर के बीच ATS अधिकारियों बनकर एक बुजुर्ग व्यक्ति से 72.74 लाख रुपये ठग लिए गए थे।
अन्य हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी के मामले
स्थानीय अधिकारी वर्तमान में कुछ अन्य हाई-प्रोफाइल साइबर घटनाओं की भी जांच कर रहे हैं। इनमें निम्नलिखित मामले शामिल हैं:
- एक CID इंस्पेक्टर के अकाउंट से 4 लाख रुपये की चोरी का मामला।
- एक अलग नौकरी रैकेट का मामला जिसमें एक परिवार से 13.25 लाख रुपये ठग लिए गए थे।
पुलिस कमिश्नर Deepak Kumar ने 9 अक्टूबर को अपराध समीक्षा बैठक के दौरान कड़े निर्देश दिए थे। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को जनता की शिकायतों को प्राथमिकता देने और त्योहारों के सीजन से पहले लंबित जांचों पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं।

























