लखनऊ में कांग्रेस पार्टी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) महिला मोर्चा की महिला कार्यकर्ताओं के बीच भारी तनाव देखा गया। यह घटना कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय के बाहर हुई, जहां दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प हुई।
इस टकराव के दौरान कांग्रेस की महिला कार्यकर्ता लाठियां लेकर अपने पार्टी मुख्यालय से बाहर निकली थीं। ठीक उसी समय वहां बीजेपी महिला मोर्चा की कार्यकर्ता भी पहुंच गईं, जो राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन करने आई थीं।
बीजेपी महिला मोर्चा की कार्यकर्ता भी अपने साथ लाठियां लेकर आई थीं, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। शहर में राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों का यह सिलसिला पिछले कुछ समय से लगातार जारी है।
मुख्यमंत्री आवास के घेराव और पुलिस से टकराव
इससे पहले 9 अक्टूबर, 2026 को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश की थी। इस प्रदर्शन में शामिल महिला कार्यकर्ताओं के हाथों में भी लाठियां थीं।
प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड्स पर पुलिस के साथ कार्यकर्ताओं की भिड़ंत हुई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी विरोधियों का सामना करने की तैयारी जताई थी और एक कार्यकर्ता ने दावा किया कि वे अकेले 100 बीजेपी सदस्यों को खदेड़ सकते हैं।
राजनीतिक अस्थिरता और राहुल गांधी पर विरोध
गतिविधियों में यह बढ़ोतरी व्यापक राजनीतिक अस्थिरता से जुड़ी है। इसमें वोटिंग में गड़बड़ी के आरोप और दिल्ली में राहुल और प्रियंका गांधी के आसपास हो रहे विरोध प्रदर्शन शामिल हैं।
10 अक्टूबर, 2026 को बीजेपी महिला मोर्चा ने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। यह प्रदर्शन विशेष रूप से राहुल गांधी को निशाना बनाकर किया गया था, क्योंकि उन्होंने दिल्ली से कुछ बयान दिए थे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि वोटिंग अधिकारों को लेकर हो रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनों से बीजेपी बुरी तरह डर गई है।
पुरानी रंजिश और पिछले प्रदर्शनों का असर
दोनों पार्टियों के बीच यह टकराव पुरानी दुश्मनी का नतीजा है। इससे पहले 22 जुलाई, 2026 को भी ऐसी ही एक घटना सामने आई थी।
उस समय बीजेपी ने कांग्रेस कार्यालय को घेरने की धमकी दी थी। इसके जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ता लाठियां लेकर सड़कों पर उतर आए थे और विरोध जताया था।

























