सीतापुर पुलिस ने मिड-डे मील योजना के अनाज की कालाबाजारी और गबन के मामले में फरार चल रहे एक ठेकेदार और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। इस योजना को अब PM पोषण शक्ति निर्माण योजना के नाम से जाना जाता है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रवि मिश्रा और उनकी पत्नी मंजू मिश्रा के रूप में हुई है।
ये दोनों आरोपी कोटवाली नगर के ग्वाल मंडी इलाके के निवासी हैं। रामकोट पुलिस ने गुरुवार को इन दोनों को गिरफ्तार किया।
पुलिस अधीक्षक (SP) अंकुर अग्रवाल ने इन संदिग्धों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया को तेज करने के लिए पहले ही कदम उठाए थे। उन्होंने दोनों आरोपियों पर 20,000 रुपये-20,000 रुपये का इनाम घोषित किया था।
अनाज की सप्लाई रोकने पर शुरू हुई जांच
यह पूरा मामला तब सामने आया जब उचित दर दुकानों के डीलरों ने शिकायत दर्ज कराई। डीलरों ने बताया कि उन्हें जुलाई, अगस्त और सितंबर महीनों की अनाज सप्लाई नहीं मिली है। इस शिकायत के बाद अनाज के परिवहन की जिम्मेदारी संभालने वाले इस दंपत्ति के खिलाफ जांच शुरू की गई।
अधिकारियों का आरोप है कि ठेकेदारों ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदाम से कुल 1,793 क्विंटल अनाज उठाया था। इसके बावजूद उन्होंने पारसेंडी और बेहटा ब्लॉक की दुकानों तक इस अनाज का वितरण नहीं किया।
कानूनी कार्रवाई और अधिकारियों पर गाज
इस मामले में रामकोट पुलिस स्टेशन में अपराध संख्या 256/2026 के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर के नेतृत्व में एक जांच की गई, जिसमें प्रभारी मंत्री मनोज पांडे का सहयोग रहा। इस जांच के बाद अधिकारियों ने निम्नलिखित सिफारिशें की हैं:
- तीन सप्लाई निरीक्षकों को निलंबित करने की सिफारिश की गई।
- एक मार्केटिंग इंस्पेक्टर को निलंबित करने की सिफारिश की गई।
कानूनी कार्यवाही के हिस्से के रूप में ठेकेदारों से जुड़ी फर्मों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।









