बाराबंकी जिले के रामनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में बुधवार को स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति गंभीर मिली। अस्पताल के आधिकारिक कामकाज का समय खत्म होने से पहले ही कई कर्मचारी अपनी ड्यूटी से गायब पाए गए।
अक्टूबर महीने से इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए संचालन का समय सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसके बावजूद, दोपहर 3:00 बजे तक ही कई महत्वपूर्ण मेडिकल विभाग पूरी तरह खाली मिले और वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था।
अस्पताल परिसर के निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि डेंटल विभाग का कमरा लॉक था। इसके साथ ही आयुष मेडिकल रूम और किशोर स्वास्थ्य क्लिनिक (adolescent health clinic) में भी कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।
ड्यूटी से अनुपस्थिति और मरीजों की परेशानी
शिफ्ट के आखिरी एक घंटे के दौरान डॉक्टरों और स्टाफ की इस अनुपस्थिति ने मरीज देखभाल की उपलब्धता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्धारित समय से पहले विभागों को बंद करने से स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी लापरवाही सामने आई है।
इस स्थिति का सबसे बुरा असर उन मरीजों पर पड़ रहा है जो दूर-दराज के इलाकों से इलाज के लिए आते हैं। ये मरीज अक्सर इलाज के लिए घंटों इंतजार करते हैं, लेकिन समय से पहले स्टाफ के चले जाने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है।
कुछ विभागों में जारी रहा कामकाज
जहां एक तरफ कई विभाग बंद मिले, वहीं कुछ जगहों पर काम चलता देखा गया। निरीक्षण के दौरान डॉ. स्वप्निल सिंह ओपीडी (OPD) में मरीजों की जांच करते हुए पाए गए।
इसके अलावा, पैथोलॉजी विभाग भी चालू स्थिति में था। पैथोलॉजी विभाग में चार स्टाफ सदस्य अपनी ड्यूटी पर तैनात थे और वहां कामकाज सामान्य रूप से चल रहा था।
प्रशासनिक जवाबदेही और जांच की उम्मीद
शाम 4:00 बजे की समय सीमा से काफी पहले कई विभागों के बंद होने से मेडिकल स्टाफ की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के सामने है।
अब यह देखा जाना बाकी है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस मामले में कोई जांच शुरू करते हैं या नहीं। जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि यह लापरवाही किसी एक व्यक्ति की है या यह व्यवस्थागत समस्या है जिसके लिए जवाबदेही तय करने की जरूरत है।

























