समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में अपनी पहचान एक किसान और समाजवादी के रूप में बताई है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि वह कड़ी मेहनत और राजनीतिक संघर्ष के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं।
अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव ने कहा, ‘मैं भी एक किसान हूं, मैं समाजवादी भी हूं; हम रोजाना पसीना बहाते हैं।’ उन्होंने इस दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सदस्यों पर आरोप लगाया कि वे उनकी पार्टी के जमीनी स्तर के दृष्टिकोण से डरते हैं।
अखिलेश यादव का मानना है कि समाजवादी पार्टी के सदस्य राजनीतिक सक्रियता के कारण होने वाले संघर्ष या शारीरिक थकान से कभी नहीं घबराते हैं।
संंसद मार्ग पर प्रदर्शन और चुनाव आयोग की आलोचना
अखिलेश यादव के ये बयान उनके हालिया राजनीतिक कदमों और बयानों के बाद आए हैं। 6 अक्टूबर 2026 को उन्होंने संसद मार्ग पर एक धरना प्रदर्शन का नेतृत्व किया था।
इस प्रदर्शन के दौरान उन्होंने चुनाव आयोग की आलोचना की। उन्होंने यह बात भी कही कि बीजेपी के अधिकारी बैरिकेडिंग का सहारा ले रहे हैं क्योंकि वे विपक्ष की बढ़ती रफ्तार और उनके प्रभाव से डरे हुए हैं।
किसानों की कर्ज माफी और कृषि मुद्दे
पिछले कुछ महीनों से अखिलेश यादव खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों पर लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं। 3 अक्टूबर 2026 को उन्होंने किसानों की कर्ज माफी की वकालत की थी।
उनका तर्क था कि यदि सरकार बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ कर सकती है, तो उसे खेती करने वाले समुदाय को राहत देने को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनके एजेंडे में बाढ़ की समस्या, शिक्षा और उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को सुधारना भी शामिल है।
भविष्य की सरकार के लिए वादे और मांगें
इससे पहले 30 सितंबर 2026 को अखिलेश यादव ने अपनी भविष्य की योजनाएं साझा की थीं। उन्होंने घोषणा की कि भविष्य में समाजवादी सरकार बनने पर वह आम जनता और किसानों के लिए कई सुविधाएं देंगे।
उनकी घोषणाओं में मुख्य रूप से ये बातें शामिल थीं:
- घरेलू उपयोग के लिए 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी।
- किसानों के लिए सिंचाई की सुविधा पूरी तरह मुफ्त होगी।
- प्रदर्शनों के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
अखिलेश यादव ने लगातार यह तर्क दिया है कि उत्तर प्रदेश के किसान सबसे अधिक प्रताड़ित वर्ग बने हुए हैं। उन्होंने अपनी फसलों के लिए उचित बाजार मूल्य और उनके श्रम के प्रति अधिक सम्मान की मांग की है।

























