बाराबंकी के रामनगर इलाके के अशोकपुर गांव के निवासियों ने स्थानीय क्रॉसिंग के पास प्रस्तावित रेलवे अंडरपास के निर्माण का आधिकारिक तौर पर विरोध किया है। ग्रामीणों का मानना है कि अंडरपास बनने से उनकी रोजमर्रा की आवाजाही में सुधार होने के बजाय मुश्किलें और ज्यादा बढ़ जाएंगी।
इस पूरे मामले पर चर्चा करने के लिए रविवार को अशोकपुर ग्राम पंचायत में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गांव के लोगों के साथ-साथ आसपास के कई गांवों के निवासी भी शामिल हुए।
बैठक में ग्राम प्रधान शिव देवी वर्मा, भारतीय समाज सेवा संघ के भास्कर यादव और युवा एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम कुमार लोधी मौजूद रहे। इन सभी ने मिलकर प्रस्तावित योजना पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
जलजमाव और भौगोलिक समस्या
बैठक के दौरान प्रतिभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि अशोकपुर और आस-पास के क्षेत्रों के लगभग 50,000 लोग अपनी दैनिक आवाजाही के लिए इसी क्रॉसिंग पर निर्भर रहते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि अशोकपुर गांव के पास एक बड़ी झील है और यह इलाका काफी निचले स्तर पर स्थित है। इस भौगोलिक स्थिति की वजह से मानसून के दौरान यहां पहले से ही भारी जलजमाव की समस्या रहती है।
लोगों ने चिंता जताई कि अगर यहां अंडरपास बनाया गया, तो उसमें स्थायी रूप से पानी जमा हो जाएगा। ऐसी स्थिति में यह रास्ता पैदल चलने वालों के लिए पूरी तरह से बंद हो जाएगा और वहां से गुजरना नामुमकिन होगा।
ओवरब्रिज की मांग और चेतावनी
समस्या को देखते हुए स्थानीय समुदाय ने प्रशासन से मांग की है कि अंडरपास की जगह वहां ओवरब्रिज का निर्माण किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि ओवरब्रिज ही इस समस्या का सही समाधान है।
ग्राम प्रधान शिव देवी वर्मा ने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायत इस मांग को लेकर संबंधित अधिकारियों को औपचारिक रूप से पत्र लिखेगी। वह प्रशासन तक ग्रामीणों की बात पहुंचाएंगी।
ग्रामीणों ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि उनकी ओवरब्रिज बनाने की मांग को नहीं माना गया, तो वे इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।

























