समाजवादी पार्टी के हरदोई जिला अध्यक्ष रहे शराफत अली के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। उन पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमवती पीके वर्मा के खिलाफ विवादित बयान देने का आरोप है।
यह पूरा मामला 23 सितंबर को गोपामाऊ विधानसभा क्षेत्र के कुलहघाट में आयोजित एक ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) जनसभा के दौरान का है। इस कार्यक्रम के दौरान शराफत अली ने एक ऐसा बयान दिया जिसे लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है।
कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस वीडियो में शराफत अली यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि अगर मुलायम सिंह यादव ने संविधान में संशोधन नहीं किया होता, तो प्रेमवती घाट पर कपड़े धो रही होतीं।
भाजपा की शिकायत और पुलिस की कार्रवाई
वीडियो के वायरल होने के बाद भाजपा के अनुसूचित जाति सेल के जिला अध्यक्ष रवि वाल्मीकि ने इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर शराफत अली के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
शराफत अली पर एससी/एसटी एक्ट, आईटी एक्ट और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
भाजपा नेताओं और पार्टी के महिला विंग के सदस्यों ने इस बयान के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शराफत अली का पुतला भी फूंका और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
शराफत अली का स्पष्टीकरण और पुराना विवाद
बढ़ते विरोध को देखते हुए शराफत अली ने अपना स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने प्रेमवती पीके वर्मा को अपनी बहू बताया और कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो वह अपने शब्द वापस ले लेंगे।
इतने स्पष्टीकरण के बावजूद यह विवाद खत्म नहीं हुआ है। यह पहली बार नहीं है जब शराफत अली महिलाओं के खिलाफ टिप्पणी करने के विवाद में फंसे हों।
कुछ महीने पहले भी उन पर महिला नेताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप लगे थे। इनमें शामिल थीं:
- पूर्व सांसद उषा वर्मा
- पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी
- पूर्व विधायक रामलाली
उस समय पार्टी के भीतर हुए विरोध के बाद समाजवादी पार्टी नेतृत्व ने हरदोई जिला कार्यकारिणी समिति को भंग कर दिया था। हालांकि, शराफत अली ने उस समय दावा किया था कि पिछला वीडियो एडिट किया गया था।
वर्तमान विवाद अब स्थानीय राजनीतिक परिदृश्य में बहस का मुख्य बिंदु बन गया है। यह मामला विशेष रूप से पार्टी की पीडीए आउटरीच रणनीति के भीतर दलित महिलाओं के प्रतिनिधित्व से जुड़ा हुआ है।

























