उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में सरकारी अधिकारियों के कामकाज के तरीके को लेकर एक विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि Mahmoodabad तहसील में आयोजित ‘Samadhan Diwas’ के दौरान एक ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) सोते हुए नजर आ रहे हैं।
वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान रामपुर मथुरा के BDO Ramgopal Yadav के रूप में की गई है। इस वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
इस घटना के साथ कुछ और गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। वायरल वीडियो के साथ आ रही खबरों के अनुसार, कई अन्य जिम्मेदार अधिकारी भी कार्यक्रम में समय पर नहीं पहुंचे थे।
अधिकारियों की लापरवाही और मोबाइल का इस्तेमाल
वीडियो में केवल सोने की घटना ही नहीं दिखाई गई है, बल्कि इसमें कुछ अन्य खामियां भी नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान कुछ अधिकारी अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए दिख रहे हैं।
इस व्यवहार के कारण स्थानीय प्रशासनिक कार्य संस्कृति की काफी आलोचना हो रही है। लोग इसे सरकारी कामकाज के प्रति लापरवाही मान रहे हैं और सोशल मीडिया पर नाराजगी जता रहे हैं।
जांच रिपोर्ट और आधिकारिक रिकॉर्ड की स्थिति
हालांकि यह वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत चर्चा बटोर रहा है, लेकिन आधिकारिक रिकॉर्ड में इसकी पुष्टि नहीं हुई है। 3 अक्टूबर, 2026 तक की गई जांच और रिकॉर्ड्स के अनुसार, Mahmoodabad में ऐसी किसी विशेष घटना की कोई सत्यापित रिपोर्ट नहीं मिली है।
उत्तर प्रदेश में ‘Samadhan Diwas’ के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं। उदाहरण के लिए, 3 अक्टूबर को ही ललितपुर जिले में जनसुनवाई के सत्र आयोजित किए गए थे, लेकिन सीतापुर के बी डी ओ द्वारा नियमों के उल्लंघन की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
नाम और पद की पहचान पर संदेह
प्रशासनिक डेटा की जांच के बाद एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। आधिकारिक प्रशासनिक डेटासेट में जिले के किसी भी बी डी ओ का नाम Ramgopal Yadav नहीं है।
यह भी पाया गया है कि Ramgopal Yadav नाम एक प्रमुख राजनीतिक व्यक्ति से जुड़ा हुआ है, न कि जिले के किसी ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर से।

























