
बिजली विभाग की लापरवाही आई सामने, 5 घंटे बाद कटी सप्लाई!
एडिटर के के शुक्ल नारद संवाद रामनगर (बाराबंकी)।बाराबंकी जिले की तहसील रामनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत हथोइया के मजरा धौरछिया में रविवार को करीब 3:30 बजे बिजली की शॉर्ट सर्किट से भीषण अग्निकांड हो गया। इस दर्दनाक हादसे में रामनगर थाने में चौकीदार के पद पर तैनात ग्राम निवासी रामशंकर पुत्र तुलसीराम के छप्परनुमा घर में अचानक आग लग गई, जिसने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया।
आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण जब तक कुछ समझ पाते, तब तक पूरा घर लपटों में घिर चुका था। पीड़ित रामशंकर व रामवीर ने बताया कि हादसे में घर में रखा सारा सामान—राशन, चारपाई, संदूक, साइकिल, पंपिंग सेट, भूसे में रखी गेहूं की चार बोरियां सहित गृहस्थी का पूरा सामान जलकर राख हो गया। इसके साथ ही घर में बंधी एक भैंस और उसके दो बच्चे आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है और उपचार जारी है।
ग्रामीणों के अनुसार आग पर काबू पाने का भरसक प्रयास किया गया, लेकिन आग की भयावहता के आगे सभी प्रयास नाकाम रहे। पीड़ित परिवार का पूरा आशियाना चंद मिनटों में खाक हो गया। इस अग्निकांड में करीब तीन लाख रुपये से अधिक का नुकसान बताया जा रहा है। हादसे के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर हो गया है।
सबसे गंभीर बात यह रही कि घटना के बाद बिजली विभाग के स्थानीय कर्मचारियों को कई बार फोन से सूचना दी गई, लेकिन घंटों तक फोन नहीं उठाया गया। करीब 5 घंटे बाद बिजली की सप्लाई बंद की गई, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। आग लगने का कारण बिजली की शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन को अवगत कराया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया। सौभाग्य से इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पशुओं के झुलसने और गृहस्थी के पूरी तरह नष्ट हो जाने से परिवार गहरे सदमे में है।
इस संबंध में रामनगर की उप जिलाधिकारी गुंजिता अग्रवाल से दूरभाष पर बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए तत्काल लेखपाल को भेजा गया है और पीड़ित परिवार को राहत दिलाने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं पशु चिकित्साधिकारी बसंत राय पाटिल को सूचना दिए जाने के बाद उन्होंने मौके पर चिकित्सक भेजकर पशुओं का इलाज शुरू कराया। बिजली विभाग के एसडीओ ने बताया कि विद्युत केंद्र सूरतगंज से कर्मचारियों को मौके पर भेजा जा रहा है और मामले की जांच की जाएगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, मुआवजा और आवास की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि परिवार इस भीषण आपदा से उबर सके। प्रशासन की ओर से जांच कर आवश्यक सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।






























