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बाराबंकी के देवा मेला का भव्य समापन, आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से उमड़ा उत्साह

 

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इको-फ्रेंडली आतिशबाजी, मेगा लेजर-शो और सम्मान समारोह बने आकर्षण का केंद्र

ब्यूरो रिपोर्ट/ के के शुक्ला/चंद्रोदय अवस्थी बाराबंकी। सूफी संत सैय्यद हाजी वारिस अली शाह के पिता सैय्यद कुर्बान अली शाह की स्मृति में आयोजित दस दिवसीय देवा मेला 2025 का शुक्रवार शाम को रंग-बिरंगी आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य समापन हुआ। मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय की धर्मपत्नी श्रीमती संपदा विजयवर्गीय ने तमाशे की बत्ती जलाकर इको-फ्रेंडली आतिशबाजी प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। आसमान रंगीन रोशनी से जगमगा उठा और दर्शक आतिशबाजी का आनंद लेते हुए उत्साहित नजर आए।

स्मारिका का विमोचन और धन्यवाद ज्ञापन

समापन समारोह से पहले, मुख्य अतिथि श्रीमती संपदा विजयवर्गीय ने दीप प्रज्ज्वलित कर देवा मेला 2025 स्मारिका का विमोचन किया। उन्होंने मेला आयोजन में योगदान देने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सौहार्द और सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

डीएम और एसपी का संदेश

जिलाधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी ने कहा कि देवा मेला केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि कौमी एकता का प्रतीक है। उन्होंने मेला आयोजन को जनपद की सांस्कृतिक धरोहर बताया और इसे सहेजने की आवश्यकता पर बल दिया। पुलिस अधीक्षक श्री अर्पित विजयवर्गीय और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती संपदा विजयवर्गीय ने भी मेला आयोजन में योगदान देने वाले सभी कर्मचारियों की सराहना की।

उत्कृष्ट कर्मचारियों को मिला सम्मान

मेला आयोजन में जिम्मेदारी और उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को मुख्य अतिथि श्रीमती संपदा विजयवर्गीय, जिलाधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक श्री अर्पित विजयवर्गीय द्वारा प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। मेला सचिव/अपर जिलाधिकारी श्री अरुण कुमार सिंह ने मेले को सफल बनाने में सहयोग देने वालों के प्रति आभार जताया।

मेगा लेजर-शो और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

समापन समारोह में मेगा लेजर-शो का शानदार प्रदर्शन किया गया, जिसमें सूफी संत के जीवन और उनके संदेशों को रोशनी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। साथ ही स्कूली बच्चों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। समारोह में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) राज कुमार सिंह, उपजिलाधिकारीगण और देवा मेला समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

9 आतिशबाजों के बीच हुई प्रतियोगिता

देवा मेला 2025 में 09 आतिशबाजों के बीच इको-फ्रेंडली आतिशबाजी प्रतियोगिता आयोजित की गई। निर्णायक मंडल ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय विजेताओं को पुरस्कार और मोमेंटो देकर सम्मानित किया, जबकि शेष प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।

दस दिनों तक चले देवा मेला 2025 का समापन उत्साह, मनोरंजन और सौहार्द के संदेश के साथ हुआ, जिसने जनपद की सांस्कृतिक परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिया।

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