समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इटावा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार की तीखी आलोचना की। यादव ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग भेष बदलकर काम कर रहे हैं और कुछ लोग भेष बदलकर कुर्सियों पर बैठे हैं और उत्तर प्रदेश को लूटने का काम कर रहे हैं।
अपने संबोधन में यादव ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी सरकार पर व्यवस्थित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, जिसमें उन्होंने विशेष रूप से “चंदा चोरी” जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि राज्य प्रशासन जनता को गुमराह कर रहा है और व्यक्तिगत लाभ के लिए राज्य के संसाधनों को खत्म कर रहा है।
राजनीतिक मुद्दों और शासन पर चर्चा
यह बयान राज्य की कानून व्यवस्था और शासन के मानकों की व्यापक आलोचना का हिस्सा था। 8 नवंबर 2026 और 23 अक्टूबर 2026 के आसपास की अपनी यात्रा के दौरान यादव ने कई प्रमुख राजनीतिक मोर्चों पर भी बात की।
- 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव
- अजम खान से जुड़ी कानूनी कार्यवाही
- अयोध्या की राजनीतिक स्थिति
- संवैधानिक सुरक्षा बनाए रखने की आवश्यकता
अखिलेश यादव के ये आरोप भविष्य की चुनावी चुनौतियों की तैयारी के बीच सरकारी अनियमितताओं को उजागर करने के उनके निरंतर अभियान को दर्शाते हैं।









