समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इटावा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राज्य में फैले अंधेरे को दूर करने के लिए नागरिकों को ‘दीपक जलाना’ होगा।
यादव ने जनता से आंतरिक बुराइयों को खत्म करने के लिए काम करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने वरिष्ठ नेता Azam Khan के प्रति अपना मजबूत समर्थन जताया और कहा कि Khan के साथ अभूतपूर्व अन्याय हो रहा है, ऐसा उत्पीड़न किसी अन्य व्यक्ति ने नहीं झेला है।
अखिलेश यादव ने BJP पर संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाया और दावा किया कि शासन के नाम पर राज्य प्रायोजित लूट मची है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि डोनेशन फंड की कथित चोरी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी।
अयोध्या यात्रा और राजनीतिक दावा
राजनीतिक परिदृश्य पर बात करते हुए यादव ने भविष्यवाणी की कि अयोध्या में BJP पूरी तरह साफ हो जाएगी। उन्होंने कहा, ‘हम यह सुनिश्चित करने के लिए अयोध्या जाएंगे कि BJP शून्य पर रहे।’
यह बयान अखिलेश यादव की 12 दिसंबर, 2026 को अयोध्या के राम मंदिर जाने की तैयारी के बीच आया है। इस यात्रा में मैनपुरी सांसद Dimple Yadav उनके साथ होंगी। जनवरी 2024 में मंदिर के उद्घाटन के बाद यह उनकी पहली यात्रा होगी।
SP नेता Pawan Pandey ने पुष्टि की कि नेतृत्व पहले हनुमान गढ़ी मंदिर में पूजा करेगा और उसके बाद राम मंदिर जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह यात्रा इटावा में Kedareshwar Dham मंदिर के लगभग पूरा होने के बाद हो रही है, जिसे यादव ने अपनी तीर्थयात्रा के लिए पूर्व शर्त बताया था।
इस योजना पर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने टिप्पणी की कि जिन्होंने कभी ‘अयोध्या को लहूलुहान’ किया था, उन्हें आने से पहले क्षमा मांगनी चाहिए। राज्यसभा सांसद Ram Gopal Yadav ने इस बयान को आस्था के स्थान का राजनीतिकरण करने की कोशिश बताते हुए खारिज कर दिया।









