68,500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा 2018 के अभ्यर्थी शनिवार को लखनऊ के इको गार्डन में अपना धरना जारी रखे हुए थे। यह उनके प्रदर्शन का 68वां दिन था। दिवाली की छुट्टी के बावजूद सैकड़ों प्रदर्शनकारी मौके पर मौजूद रहे और कहा कि जब तक न्याय और आरक्षण विसंगतियों का समाधान नहीं होगा, वे वहां से नहीं हटेंगे।
अभ्यर्थियों ने धनतेरस पर इको गार्डन स्थल के पास फव्वारे के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी किया। उनकी मुख्य मांग है कि भर्ती के परिणामों को संशोधित किया जाए।
आरक्षण और नियुक्ति सूची में सुधार की मांग
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को राज्य और राष्ट्रीय आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार आरक्षण का लाभ मिले। इसके अलावा, वे संशोधित नियुक्ति सूची की मांग कर रहे हैं जिसमें शामिल हों:
- दिव्यांग व्यक्तियों के लिए कानूनी रूप से अनिवार्य आरक्षण लाभ।
- पूर्व सैनिकों और स्वतंत्रता सेनानियों तथा उनके आश्रितों के लिए आरक्षण।
यह मांग राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के निर्देशों के अनुसार की गई है।
अधिकारियों के आश्वासनों से नहीं मिली राहत
प्रदर्शन नेताओं तूफान सिंह और आशुतोष वर्मा ने कहा कि जहां अन्य लोग परिवारों के साथ दिवाली मना रहे हैं, वहीं आरक्षण अनियमितताओं के कारण अभ्यर्थी अनिश्चित भविष्य के चलते प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य मंत्रियों, जन प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के साथ कई बैठकें हुईं और मौखिक आश्वासन भी मिले, लेकिन अब तक कोई ठोस या निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार संशोधित परिणाम जारी कर नियुक्तियां नहीं देती, धरना जारी रहेगा।
प्रदर्शन में नवीन चौधरी, रंजना जायसवाल, दीपक पटेल, नसीम फरीदी, घनश्याम, मनोज, उत्कर्ष, अमित, रिशिता पाल, अनुराग पाल और अनस भी मौजूद थे।









