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अयोध्या में 10वां दीपोत्सव: सीएम योगी ने गुरु वशिष्ठ की भूमिका निभाकर किया भगवान राम का स्वागत

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Naradsamvad - Narad news Agency
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अयोध्या में 7 नवंबर, 2026 को 10वां भव्य दीपोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर 14 वर्ष के वनवास के बाद भगवान राम, सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान के शहर वापसी का प्रतीकात्मक मंचन किया गया।

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इन दिव्य पात्रों की भूमिका निभाने वाले कलाकार पुष्पक विमान के प्रतीक के रूप में हेलीकॉप्टर से राम कथा पार्क पहुंचे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु वशिष्ठ की प्रतीकात्मक भूमिका निभाई और उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं उस रथ को खींचा जिसमें ये पात्र सवार थे और बाद में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के साथ औपचारिक आरती में शामिल हुए।

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उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन उत्सव में शामिल होने के लिए पहुंचे थे, जहां महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उनका स्वागत किया।

लाखों दीपों से जगमगाई अयोध्या

आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, इस आयोजन में रोशनी का बड़ा प्रयास किया गया। राम की पैड़ी सहित 56 घाटों पर 30 से 33 लाख मिट्टी के दीपक जलाए गए, जबकि श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर को एक लाख दीपकों से सजाया गया।

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इस ऐतिहासिक वर्षगांठ की तैयारी और दीपों को लगाने के लिए लगभग 35,000 स्वयंसेवकों को लगाया गया था। राज्य सरकार ने इस परंपरा की शुरुआत साल 2017 में की थी।

अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुति और आर्थिक प्रभाव

मुख्य समारोहों के अलावा, 12 निर्धारित मंचों पर घरेलू कलाकारों के साथ अंतरराष्ट्रीय रामलीला प्रस्तुतियां दी गईं। इनमें श्रीलंका, नेपाल, लाओस, थाईलैंड और दक्षिण अफ्रीका से आए कलाकार शामिल थे।

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मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने जोर दिया कि दीपोत्सव स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण चालक है। उन्होंने कहा कि इससे कुम्हारों, किसानों और छोटे व्यापारियों को जरूरी समर्थन मिलता है और सांस्कृतिक भागीदारी के जरिए जातिगत सीमाओं से परे सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है।

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