बाराबंकी जिले के गांव पारा के निवासी और दिवंगत भगेलु प्रसाद के पुत्र छक्कन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए उनकी पुश्तैनी संपत्ति हड़पने की साजिश रची गई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके पास गांव पारा में गाटा संख्या 878ख के तहत एक घर और 5.590 हेक्टेयर जमीन है, जिस पर वह खेती कर रहे हैं। एफआईआर के मुताबिक, देवराज के पुत्र रमेश वर्मा और राम के पुत्र जवाहर लाल ने अन्य लोगों के साथ मिलकर इस जमीन को कब्जाने की कोशिश की।
फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और बैंक खाता खोलने का प्रयास
पीड़ित का दावा है कि आरोपियों ने 8 दिसंबर 2021 को आधिकारिक रिकॉर्ड में उन्हें मृत घोषित कर दिया और 27 दिसंबर 2021 को एक फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया। इस प्रमाण पत्र के आधार पर परिवार रजिस्टर में भी उनकी मृत्यु दर्ज कर दी गई।
आरोप है कि संदिग्धों ने उनकी फोटो और नाम का इस्तेमाल कर ग्रामिण बैंक, जरवल रोड में बचत खाता खोलने की कोशिश की और फर्जी नोटरी हलफनामे भी तैयार किए। हालांकि, ग्राम पंचायत अधिकारी ऋषभ पांडे ने बताया कि संबंधित मृत्यु प्रमाण पत्र को खारिज कर दिया गया था।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने दर्ज किया मामला
छक्कन ने बताया कि 1 सितंबर 2026 को जब वह रामनगर स्थित ब्लॉक ऑफिस से लौट रहे थे, तब लखनऊ रोड पर ऑफिस से करीब 100 कदम की दूरी पर दोनों आरोपियों ने उन्हें रोका। उनका आरोप है कि आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
स्थानीय पुलिस, पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद भी जब कोई नतीजा नहीं निकला, तो छक्कन ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद, रामनगर पुलिस स्टेशन ने 1 नवंबर 2026 को केस नंबर 447/2026 के तहत मामला दर्ज किया।
दो नामजद संदिग्धों और अन्य लोगों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 352, 351(3) और 318(4) के तहत आरोप लगाए गए हैं। उप-निरीक्षक सुभाष चंद्र यादव को इस मामले की जांच सौंपी गई है और पुलिस का कहना है कि जांच के जरिए आरोपों की पुष्टि की जाएगी।









