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वोट चोरी के आरोपों पर बोले संबित पात्रा, 13 करोड़ वोटर हटाने को बताया नियम आधारित प्रक्रिया

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Naradsamvad - Narad news Agency
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उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भाजपा सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत INDIA गठबंधन के उन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि ‘वोट चोरी’ के तहत मतदाता सूचियों से 13 करोड़ वोटरों को हटाया गया।

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पात्रा ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को चुनावी रिकॉर्ड को सटीक बनाए रखने के लिए एक मानक और नियम-आधारित प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि भारत में अब तक इस तरह की SIR कवायद 12 बार हो चुकी है।

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वोटर लिस्ट शुद्धिकरण का तकनीकी विवरण

संबित पात्रा ने बताया कि इन 12 संशोधनों में से 10 कांग्रेस पार्टी के कार्यकाल के दौरान हुए थे, जबकि वर्तमान सरकार के तहत केवल दो हुए हैं। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि अगर वास्तव में 13 करोड़ वोट चोरी हुए होते, तो सड़कों पर कोई बड़ा जन आंदोलन या विरोध प्रदर्शन क्यों नहीं हुआ।

वोटर लिस्ट की सफाई प्रक्रिया पर तकनीकी स्पष्टीकरण देते हुए पात्रा ने बताया कि cited नंबर ASDD फॉर्मूले यानी Absent, Shifted, Deceased और Duplicate से जुड़े हैं। उन्होंने विस्तार से जानकारी दी कि:

  • मृत होने के कारण लगभग 2.8 करोड़ नाम हटाए गए।
  • करीब 1 करोड़ डुप्लीकेट एंट्रीज को डिलीट किया गया।
  • शिफ्टेड कैटेगरी में पहचान किए गए 12 करोड़ लोगों में से लगभग 6 करोड़ ने अपनी जानकारी अपडेट करने के लिए फॉर्म 6 के जरिए दोबारा आवेदन किया है।
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उन्होंने जोर देकर कहा कि यह प्रक्रिया पारदर्शी है और कोई भी पात्र वोटर जिसे अनुपस्थित या शिफ्टेड मार्क किया गया है, वह जरूरी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करके अंतिम सूची में शामिल होने का अधिकार रखता है।

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लोकतांत्रिक संस्थाओं का मजाक

यह प्रतिक्रिया 31 अक्टूबर 2026 को मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर INDIA गठबंधन द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के प्रतीकात्मक ‘सार्वजनिक महाभियोग’ के बाद आई है। पात्रा ने इस मॉक पार्लियामेंट को लोकतांत्रिक संस्थाओं का मजाक बताया और दोहराया कि SIR प्रक्रिया घोस्ट वोटर्स और अपात्र प्रविष्टियों को हटाने के लिए एक आवश्यक प्रशासनिक प्रयास है।

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