कानपुर देहात के बारा टोल प्लाजा पर भीषण ट्रैफिक जाम लग गया, जिसकी वजह से वाहन करीब तीन घंटे तक फंसे रहे। इस जाम के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और रास्ते में कई गाड़ियां फंस गईं। जाम में एम्बुलेंस समेत कई अन्य वाहन भी फंसे रहे, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
टोल प्लाजा पर वाहनों के प्रबंधन को लेकर स्थानीय यात्रियों और राहगीरों में गहरा गुस्सा देखा गया। लोगों ने टोल सुविधा के संचालन और मैनेजमेंट के तरीके पर अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की।
बीजेपी नेता और टोल स्टाफ के बीच विवाद
इस घटना के दौरान वहां मौजूद एक बीजेपी नेता की टोल प्रशासन के कर्मचारियों के साथ तीखी बहस हो गई। बीजेपी नेता ने टोल स्टाफ के साथ जोरदार बहस की और मौके पर ही एक बड़ा प्रदर्शन किया।
यह घटना बारा टोल प्लाजा के प्रबंधन को लेकर चल रही पुरानी चिंताओं को दर्शाती है। यह टोल प्लाजा पहले भी कई बार विवादों के केंद्र में रह चुका है और यहां अक्सर तनाव की स्थिति बनी रहती है।
पुराने विवाद और कानूनी कार्रवाई
रिकॉर्ड के अनुसार बारा टोल प्लाजा पर पहले भी कई बार टकराव की घटनाएं हो चुकी हैं। 17 अगस्त 2023 को एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक बीजेपी नेता का काफिला बिना भुगतान किए टोल बैरियर तोड़कर आगे निकल गया था।
इस मामले में टोल के डीजीएम ने आठ कार ड्राइवरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इन ड्राइवरों में पूर्व मेयर सरला सिंह के बेटे जीत प्रताप सिंह से जुड़े लोग भी शामिल थे।
टोल प्लाजा पर हुए गंभीर हादसे
इस स्थान पर सुरक्षा को लेकर भी गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। 28 मई 2026 को एक भीषण दुर्घटना हुई जिसमें एक तेज रफ्तार कंटेनर कार से टकरा गया। कंटेनर कार को 50 मीटर तक घसीटता ले गया, जिससे दो लोग घायल हो गए।
इसके अलावा 26 मई 2026 को भी एक ऐसी ही टक्कर हुई थी। इस हादसे में एक कंटेनर ने सड़क पर खड़ी एक स्थिर गाड़ी को टक्कर मारी थी।









