उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी ने अपनी ताकत बढ़ाई है। 26 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के कई बड़े राजनीतिक नेताओं ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया।
इन नेताओं में प्रदीप पांडे जैसे प्रमुख चेहरे शामिल हैं। इस बड़े बदलाव के जरिए समाजवादी पार्टी ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश की है।
शाहजहाँपुर में नेताओं का पार्टी में प्रवेश
शाहजहाँपुर में आयोजित एक अलग कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक रोशन लाल वर्मा ने नए सदस्यों की पार्टी में एंट्री करवाई। इस दौरान प्रदीप पांडे समाजवादी पार्टी में शामिल हुए।
उनके साथ ही तिलहर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख सौरभ सिंह गांधी, गौरव सागर और बसपा के तिलहर विधानसभा अध्यक्ष ने भी सपा की सदस्यता ली। इन नेताओं के जुड़ने से क्षेत्र में पार्टी को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
लखनऊ मुख्यालय में अखिलेश यादव ने किया स्वागत
लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नए सदस्यों का स्वागत किया। यहाँ पूर्व विधायक अजय कुमार और पूर्व आईएएस अधिकारी राम बहादुर पासी जैसे अनुभवी लोग पार्टी से जुड़े।
लखनऊ के कार्यक्रम में शामिल होने वाले अन्य प्रमुख नामों में कुशाग्र सागर, कालीचरण, पूर्व सांसद उम्मीदवार दारा सिंह प्रजापति, रामशंकर गौतम, बलवीर पाल, सगीरा परवीन और मुरादाबाद के आदित्य शर्मा शामिल थे। लखनऊ की इस प्रक्रिया के दौरान कुल चार दर्जन से अधिक लोगों ने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ली।
मेरठ से भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हुए सदस्य
इसी दिन मेरठ जिला पंचायत सदस्य अश्विनी शर्मा ने भी अपनी राजनीतिक दिशा बदली। उन्होंने आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।
इन सभी नए सदस्यों के शामिल होने पर अखिलेश यादव ने कहा कि इस कदम से पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में राजनीतिक माहौल बनेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इससे ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन और मजबूत होगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले चुनावों की तैयारी के लिए समय तेजी से कम हो रहा है।









