Skip to main content

Naradsamvad

आंध्र प्रदेश के तट पर 28 अक्टूबर को टकराएगा चक्रवात अर्नब, भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

Naradsamvad
Naradsamvad - Narad news Agency
4 Min Read

बंगाल की खाड़ी में बने एक गहरे दबाव के कारण अब चक्रवात अर्नब आने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने इसके संबंध में चेतावनी जारी की है। यह मौसम प्रणाली 28 अक्टूबर की दोपहर तक आंध्र प्रदेश के तटों और यनम के बीच बापटला और विशाखापट्टनम के बीच जमीन पर दस्तक दे सकती है।

Ad image

25 अक्टूबर, 2026 तक की जानकारी के अनुसार, यह गहरा दबाव पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, यह सिस्टम फिलहाल 15.1 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 90.5 डिग्री पूर्वी देशांतर के पास स्थित है।

वर्तमान में यह चक्रवात पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रणाली की तीव्रता धीरे-धीरे और चरणों में बढ़ेगी।

चक्रवात की तीव्रता और हवाओं की रफ्तार

पूर्वानुमान के अनुसार, 26 अक्टूबर तक यह दबाव एक चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा। इसके बाद 27 अक्टूबर तक यह एक गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा। 28 अक्टूबर तक इसके बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की उम्मीद है।

ALSO READ  पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, 27 जिलों में मौसम बिगड़ने की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, यह साल 2026 का बंगाल की खाड़ी में आने वाला पहला चक्रवात है। इस विशेष तूफान के लिए ‘अर्नब’ नाम बांग्लादेश द्वारा सुझाया गया है।

तूफान के चरम स्तर पर हवाओं की गति काफी अधिक रहने का अनुमान है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान के कारण हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा तक होगी। इसके अलावा, हवा के झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं।

तटीय इलाकों में इस स्थिति से बुनियादी ढांचे, परिवहन और खेती को बड़ा खतरा हो सकता है। इंडियन एक्सप्रेस और ईटीवी भारत की रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारी इस स्थिति को लेकर काफी चिंतित हैं।

ALSO READ  ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में बड़ा बदलाव, अब पास होने के लिए चाहिए 75 प्रतिशत अंक

प्रशासनिक तैयारी और सुरक्षा उपाय

अधिकारी इस सिस्टम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं ताकि लैंडफॉल की सटीक जगह और बारिश की मात्रा का सही अंदाजा लगाया जा सके। विशेषज्ञों ने जोर दिया है कि तूफान का रास्ता बदल सकता है, इसलिए निवासियों को लगातार आधिकारिक अपडेट देखते रहना चाहिए।

तूफान के रास्ते में आने वाली राज्य सरकारों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य की एजेंसियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

सरकारी बुलेटिन के अनुसार, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF और SDRF जैसी आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर हैं। छात्रों की सुरक्षा के लिए ओडिशा के कुछ जिलों के शिक्षण संस्थानों ने 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल बंद रखने की घोषणा की है।

अधिकारियों ने कई क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम और काकीनाडा जिले
  • दक्षिणी ओडिशा के कुछ हिस्से
ALSO READ  शाहजहांपुर के सरस्वती शिशु मंदिर में मंडलीय प्रिंसिपल्स की दो दिवसीय बैठक शुरू, शिक्षा स्तर सुधारने पर जोर

पूर्वी तट की संवेदनशीलता को देखते हुए जान-माल और आर्थिक नुकसान को कम करने के लिए ये कदम जरूरी हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि स्थितियां खराब हो रही हैं।

तूफान के कारण समुद्र में उठने वाली लहरों और तेज हवाओं की वजह से बंदरगाहों के कामकाज में बाधा आने की संभावना है। सरकार तटीय निवासियों तक समय पर जानकारी पहुंचाने के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग के साथ तालमेल बिठा रही है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के लिए बंगाल की खाड़ी की निरंतर निगरानी करना प्राथमिकता बनी हुई है। जैसे-जैसे यह सिस्टम तट के करीब आएगा, स्थानीय प्रभावों पर सटीक मार्गदर्शन देने के लिए और बुलेटिन जारी किए जाएंगे।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
Account
Cart
Search
error: Content is protected !!