जालौन के डामा गांव का एक युवक ऑनलाइन पेमेंट धोखाधड़ी के आरोप में पकड़ा गया है। स्थानीय दुकानदारों ने इस युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है।
आरोपी युवक छोटे दुकानदारों को अपना निशाना बना रहा था। वह दुकानों से सामान खरीदता था और फिर फर्जी पेमेंट स्क्रीन दिखाकर उन्हें ठगता था।
धोखाधड़ी का तरीका और सामान की कीमत
यह युवक 150 रुपये से 200 रुपये के बीच की कीमत वाला सामान खरीदता था। भुगतान के समय वह दुकानदारों को PhonePe की नकली पेमेंट स्क्रीन दिखाता था।
इस फर्जी स्क्रीन के जरिए वह दुकानदारों को विश्वास दिलाता था कि पैसे भेज दिए गए हैं। इस तरह वह बिना असली ट्रांजैक्शन के सामान या कैश ले लेता था।
साइबर अपराध और पुलिस की चेतावनी
डिजिटल पेमेंट सिस्टम का फायदा उठाकर व्यापारियों को ठगने का यह मामला साइबर अपराध के बढ़ते रुझान को दर्शाता है। इस समस्या को देखते हुए राज्य की विभिन्न पुलिस यूनिट्स ने जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है।
Uttar Pradesh Police समय-समय पर साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाती है। पुलिस नागरिकों से डिजिटल पेमेंट में होने वाली हेरफेर के प्रति सतर्क रहने की अपील करती है।
दुकानदारों के लिए जरूरी सावधानी
अधिकारियों द्वारा व्यापारियों को लगातार यह सलाह दी जा रही है कि वे केवल ग्राहक द्वारा दिखाई गई कन्फर्मेशन स्क्रीन या ऑडियो अलर्ट पर भरोसा न करें। इन स्क्रीन और अलर्ट को असली ट्रांजैक्शन जैसा दिखाने के लिए फर्जी तरीके से बनाया जा सकता है।
- पेमेंट की पुष्टि सीधे अपने आधिकारिक बैंक अकाउंट से करें।
- मर्चेंट ऐप्स के जरिए ही पैसे आने की जांच करें।
दुकानदारों को बैंक अकाउंट और मर्चेंट ऐप के जरिए ही भुगतान की पुष्टि करने की हिदायत दी गई है ताकि वे इस तरह की धोखाधड़ी से बच सकें।









