उत्तर प्रदेश के कन्नौज में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने हिंदुस्तान आजाद मंच के संस्थापक मुकेश देशबंधु पाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
यह पूरा मामला मुकेश देशबंधु पाल और समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच हुई शारीरिक झड़प से जुड़ा है। इस घटना के बाद से इलाके में राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है।
सपा नेताओं ने पुलिस अधिकारी को अपनी शिकायत सौंपी और मामले की गंभीरता बताई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और हमला किया गया।
नेताओं पर अभद्र टिप्पणी और जातिगत गाली-गलौज का आरोप
समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि मुकेश देशबंधु पाल ने पार्टी के कई बड़े नेताओं के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने पार्टी नेता शशिमा सिंह डोहरे, पार्टी अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव और दिवंगत मुलायम सिंह यादव के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहीं।
नेताओं का यह भी दावा है कि जब वे SIR अभियान के तहत वोटर रजिस्ट्रेशन बढ़ाने के लिए काम कर रहे थे, तब उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान मुकेश देशबंधु पाल ने उनके साथ गाली-गलौज की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया।
सड़क पर मारपीट और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था
सपा नेताओं ने अपनी शिकायत में कहा कि जब उन्होंने मुकेश देशबंधु पाल के गलत व्यवहार का विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट की गई। उनका दावा है कि उन्हें सड़क पर शारीरिक रूप से assaulted किया गया।
इस विवाद के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने और भीड़ को संभालने के लिए पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी को वहां तैनात करना पड़ा।
पुलिस अधीक्षक का आश्वासन और जांच
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी औपचारिक एप्लीकेशन स्वीकार की। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कदम उठाने की बात कही।
विनोद कुमार ने सपा नेताओं को भरोसा दिलाया कि इस पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई होगी।









