Directorate of Revenue Intelligence (DRI) की हैदराबाद जोनल यूनिट ने 22 अक्टूबर 2026 को राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (RGIA) से दो भारतीय यात्रियों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने लगभग 1.56 करोड़ रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा की तस्करी करने की कोशिश की थी।
पकड़े गए दोनों व्यक्ति मलेशिया के कुआलालंपुर जाने वाली फ्लाइट पकड़ने की तैयारी कर रहे थे। DRI के अधिकारियों ने गुप्त सूचना के आधार पर इन यात्रियों की पहचान की और उन्हें एयरपोर्ट पर ही रोक लिया।
जांच के दौरान पता चला कि ये दोनों यात्री AirAsia की फ्लाइट (AK-68) से यात्रा कर रहे थे। खास बात यह है कि दोनों के पास अलग-अलग PNR थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो।
सामान में छिपाकर रखी थी विदेशी मुद्रा
जब अधिकारियों ने संदिग्धों के ट्रॉली बैग की तलाशी ली, तो उन्हें कपड़ों की परतों के बीच काले प्लास्टिक कवर में छिपाई गई विदेशी मुद्रा मिली। तस्करी के लिए मुद्रा को बहुत चतुराई से कपड़ों के अंदर छिपाया गया था।
तलाशी के दौरान पुरुष यात्री के पास से कुल 63.62 लाख रुपये की अनुमानित कीमत की मुद्रा मिली। इसमें निम्नलिखित शामिल थे:
- USD 66,600
- MYR 3,773
- SGD 2
वहीं दूसरी ओर, महिला यात्री के पास से USD 97,600 बरामद किए गए। इस विदेशी मुद्रा की कुल कीमत लगभग 91.94 लाख रुपये आंकी गई है।
दस्तावेजों के अभाव में हुई गिरफ्तारी
पूछताछ के दौरान दोनों ही यात्री विदेशी मुद्रा को रखने या उसे हासिल करने के संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज या कानूनी सबूत पेश नहीं कर सके। दस्तावेजों की कमी के कारण दोनों को Customs Act, 1962 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।
DRI ने अब इस पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इस विदेशी मुद्रा का स्रोत क्या था और इस तस्करी के पीछे का असली मकसद क्या था।









