उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस के बीच गठबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 23 अक्टूबर 2026 को अंबेडकर नगर में बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों पार्टियां समय पर गठबंधन नहीं कर पा रही हैं क्योंकि दोनों के मन में कुछ अलग ही मकसद हैं।
राजभर ने दावा किया कि कांग्रेस का इरादा समाजवादी पार्टी को सीटें देने का बिल्कुल नहीं है और वह सिर्फ भाजपा को हराने का लक्ष्य रख रही है। इसके साथ ही उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर गठबंधन में देरी कर रहे हैं ताकि भाजपा की जीत सुनिश्चित हो सके।
सीटों के बंटवारे और रणनीतियों पर आरोप
ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 172 सीटों की मांग की है। उन्होंने इस कदम को समाजवादी पार्टी को कमजोर करने की एक कोशिश बताया। राजभर के अनुसार, कांग्रेस यही तरीका पहले बंगाल में टीएमसी और बिहार में आरजेडी के खिलाफ भी अपना चुकी है।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता चाहते हैं कि अक्टूबर तक सीटों का बंटवारा पूरा हो जाए ताकि वे चुनाव प्रचार की तैयारी शुरू कर सकें। इसके विपरीत, राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव सीटों के वितरण को चरणों में पूरा करने के पक्ष में हैं।
अखिलेश यादव और मुस्लिम समुदाय पर सवाल
अपने संबोधन के दौरान राजभर ने अखिलेश यादव को एक खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव वास्तव में मुस्लिम समुदाय को प्राथमिकता देते हैं, तो वे 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए एक मुस्लिम मुख्यमंत्री उम्मीदवार की घोषणा करें।
राजभर ने जेल में आजम खान से मिलने गए अखिलेश यादव के दौरे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात दिखावा थी और इसे सिर्फ चुनाव के समय को ध्यान में रखकर किया गया था। राजभर ने जोर देकर कहा कि अब मुस्लिम समुदाय केवल राजनीतिक समर्थन देने के बजाय राजनीतिक प्रतिनिधित्व, शिक्षा और रोजगार की मांग कर रहा है।
MLC चुनाव और विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों के लिए चल रहे चुनावों पर बात करते हुए राजभर ने सपा के आरोपों को खारिज कर दिया। सपा ने प्रशासनिक अनियमितताओं का आरोप लगाया था, जिसे राजभर ने उनकी संभावित हार के लिए बनाया गया एक बहाना बताया।
उन्होंने कुछ बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि यादव BLO सपा का समर्थन करते हैं और दलित BLO बीएसपी की ओर झुकाव रखते हैं।
इस राजनीतिक तनाव के बीच, अखिलेश यादव ने 23 अक्टूबर को इटावा में स्नातक MLC चुनाव के लिए अपना वोट डाला। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि विपक्ष का सामूहिक लक्ष्य भाजपा को हराना है। वहीं, सपा प्रवक्ता फख्रुल हसन चंद ने स्पष्ट किया कि गठबंधन बरकरार है और राहुल गांधी व अखिलेश यादव के बीच बातचीत जारी है।









