Jio Platforms Limited ने अपने Initial Public Offering (IPO) के जरिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 23 अक्टूबर 2026 को बिडिंग के आखिरी दिन तक इस IPO के लिए 1 करोड़ से ज्यादा आवेदन आए, जो दुनिया भर में ऐसा करने वाला पहला मामला बन गया है।
यह 30,213 करोड़ रुपये का इश्यू है, जो आकार के मामले में भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन गया है। Economic Times, The Hindu, CNBC-TV18 और BusinessToday की रिपोर्ट्स के मुताबिक, अलग-अलग श्रेणियों के निवेशकों ने इसमें गहरी दिलचस्पी दिखाई है।
आकाश अंबानी के नेतृत्व वाली यह कंपनी 21 अक्टूबर 2026 को लॉन्च हुई थी। यह कंपनी भारत का सबसे बड़ा वायरलेस नेटवर्क चलाती है और इसका मुख्य फोकस डिजिटल कनेक्टिविटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और होम ब्रॉडबैंड सेवाओं पर है।
शेयरों का विवरण और कंपनी की वैल्यूएशन
इस ऑफरिंग में पूरी तरह से 27 करोड़ इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल है। इसका मतलब यह है कि मौजूदा शेयरधारकों की तरफ से कोई ‘ऑफर फॉर सेल’ हिस्सा इसमें नहीं रखा गया है। Reliance Industries Limited इस पैसे का इस्तेमाल अपनी टेलीकॉम सहायक कंपनी के कर्ज को कम करने और ग्रोथ प्रोजेक्ट्स के लिए करेगी।
निवेशकों के लिए शेयरों का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये के बीच तय किया गया था। न्यूनतम आवेदन के लिए 12 शेयरों की जरूरत थी, जिसके लिए ऊपरी प्राइस बैंड पर 13,428 रुपये का निवेश करना होता है।
प्राइस बैंड की ऊपरी सीमा के आधार पर, कंपनी की कुल वैल्यूएशन लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये है। डॉलर के हिसाब से यह वैल्यूएशन करीब 108 बिलियन डॉलर के बराबर बैठती है।
सब्सक्रिप्शन डेटा और मार्केट परफॉर्मेंस
National Stock Exchange के आंकड़ों से पता चलता है कि एंकर इन्वेस्टर्स सहित कुल डिमांड 4 लाख करोड़ रुपये या उससे अधिक तक पहुंच गई। पब्लिक ओपनिंग से पहले एंकर निवेशकों ने भारी दिलचस्पी दिखाई और आवंटित हिस्से के मुकाबले 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बिडिंग की।
पहले दिन के अंत तक यह इश्यू 3.16 गुना सब्सक्राइब हो चुका था, जिसमें Qualified Institutional Buyers (QIBs) ने सबसे ज्यादा रफ्तार पकड़ी। Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, आखिरी दिन दोपहर 12:36 बजे तक कुल सब्सक्रिप्शन 7.49 गुना था।
विभिन्न श्रेणियों में सब्सक्रिप्शन की स्थिति इस प्रकार रही:
- Qualified Institutional Buyers (QIBs) का सब्सक्रिप्शन करीब 16 गुना रहा।
- Non Institutional Investors का हिस्सा 10 गुना रहा।
- रिटेल निवेशकों का सब्सक्रिप्शन 2.1 गुना दर्ज किया गया।
भारत में IPO आवेदनों का पिछला रिकॉर्ड Waaree Energies के नाम था, जिसे करीब 97 लाख आवेदन मिले थे। उससे पहले Bajaj Housing Finance को लगभग 90 लाख आवेदन मिले थे। यह नया रिकॉर्ड देश में इक्विटी कल्चर के और गहरे होने की पुष्टि करता है।
वित्तीय स्थिति और विशेषज्ञों की राय
Motilal Oswal, Swastika Investmart और Canara Bank Securities के वित्तीय विश्लेषकों ने इस IPO में निवेश की सलाह दी। उन्होंने लंबी अवधि की क्षमता और लिस्टिंग के तुरंत बाद होने वाले मुनाफे (listing gains) दोनों को आधार बनाया।
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) फिलहाल 245 रुपये से 249 रुपये के बीच चल रहा है। यह ऊपरी प्राइस बैंड से लगभग 22 प्रतिशत का संकेत देता है। हालांकि, यह मार्केट अनियंत्रित है और भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देता है।
कंपनी ने साल 2026 के वित्तीय वर्ष के लिए 30,053 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (net profit) दर्ज किया है। इसी अवधि के दौरान कंपनी का कुल राजस्व (revenue) लगभग 1.50 लाख करोड़ रुपये रहा।
अलॉटमेंट और लिस्टिंग की प्रक्रिया
प्रोसेसिंग पूरी होने के बाद अंतिम आवेदन संख्या के दोपहर के आंकड़े से और ऊपर जाने की उम्मीद है। अधिकारियों का अनुमान है कि शेयरों के अलॉटमेंट का आधार (basis of allotment) 26 अक्टूबर के आसपास तय कर लिया जाएगा।
इन शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026 को Bombay Stock Exchange (BSE) और National Stock Exchange (NSE) पर होनी तय है। बाजार के जानकार अब इन घटनाक्रमों पर नजर रख रहे हैं ताकि Reliance Industries और भविष्य की टेक लिस्टिंग्स पर पड़ने वाले असर को समझा जा सके।









