उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अक्टूबर 2026 को प्रयागराज के कसरी-मसरी इलाके में ‘पद्म लोक आवास योजना’ का भूमि पूजन किया। इस कार्यक्रम के साथ ही यहाँ गरीबों के लिए एक बड़ी हाउसिंग परियोजना की शुरुआत हो गई है।
यह जमीन पहले माफिया डॉन अतीक अहमद के अवैध कब्जे में थी। राज्य सरकार के ‘माफिया मुक्त’ अभियान के तहत इस जमीन को वापस लिया गया है और अब यहाँ गरीबों के घर बनाए जाएंगे।
भूमि पूजन के इस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि कसरी-मसरी इलाके का नाम बदलकर अब ‘श्री कृष्णपुरी’ कर दिया गया है।
परियोजना की लागत और सुविधाओं का विवरण
इस पूरी परियोजना की देखरेख प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) द्वारा की जाएगी। इस योजना के तहत कुल 602 आवास बनाए जाएंगे, जिनमें मुख्य रूप से 2-BHK फ्लैट शामिल हैं।
इन सभी फ्लैटों का आकार 56 वर्ग मीटर से अधिक होगा। इस पूरे विकास कार्य के लिए कुल अनुमानित निवेश 191 करोड़ रुपये से अधिक है।
आवासीय सुविधाओं के साथ-साथ यहाँ अन्य जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। योजना में निम्नलिखित सुविधाएं शामिल हैं:
- पार्क और जिम
- मार्केट और खेल क्षेत्र
निर्माण की समय सीमा और बुकिंग की जानकारी
यह पूरी हाउसिंग परियोजना RERA के तहत रजिस्टर्ड है। निर्माण का कार्य आधिकारिक तौर पर 1 अगस्त 2026 को शुरू हो चुका है और इसे 16 जुलाई 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रशासन को उम्मीद है कि इन फ्लैटों की बुकिंग दीपावली के आसपास शुरू हो जाएगी।
अन्य लाभार्थियों को घर और माफिया संपत्तियों का उपयोग
भूमि पूजन के अलावा मुख्यमंत्री ने पीपलगोन में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के 556 लाभार्थियों को उनके घरों की चाबियां सौंपी।
सरकार अपराधियों से जब्त की गई जमीन का उपयोग जनहित के कार्यों के लिए कर रही है। इसी कड़ी में प्रयागराज के लुकरगंज में 76 फ्लैट बनाए गए हैं।
इसी तरह लखनऊ के दलीगंज में 72 EWS फ्लैट बनाए गए हैं, जहाँ की जमीन माफिया मुख्तार अंसारी से जुड़ी थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि इन जगहों का बदलाव राज्य के शासन में एक बुनियादी बदलाव का संकेत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब प्रयागराज में माफिया तत्व बेखौफ होकर काम नहीं कर पाएंगे।









