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पीएम मोदी और सीएम विजय ने चेन्नई मेट्रो फेज 2 के पहले हिस्से का किया उद्घाटन, पूनमल्ले बाईपास से वडपलाणी तक चलेंगी ट्रेनें

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Naradsamvad - Narad news Agency
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 11 अक्टूबर 2026 को चेन्नई मेट्रो फेज II प्रोजेक्ट के पहले चालू हिस्से का उद्घाटन किया। यह नया कॉरिडोर 15 किलोमीटर लंबा है जो पूनमल्ले बाईपास को वडपलाणी से जोड़ता है।

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यह कॉरिडोर तेजी से विकसित हो रहे पश्चिमी उपनगरों के निवासियों के लिए यातायात का एक महत्वपूर्ण लिंक साबित होगा। इस विशेष प्रोजेक्ट पर लगभग 4,900 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया गया है।

यह पूरी परियोजना 13,000 करोड़ रुपये के एक व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज का हिस्सा है। इस पैकेज का मुख्य उद्देश्य तमिलनाडु की परिवहन व्यवस्था और औद्योगिक कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूत बनाना है।

मेट्रो की तकनीकी खासियतें और संचालन विवरण

इंजीनियरों ने इस एलिवेटेड हिस्से को एक खास 3.7 किलोमीटर लंबे डबल डेकर स्ट्रक्चर के साथ डिजाइन किया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि शहरी इलाकों में जगह की कमी होने के बावजूद इसका अधिकतम उपयोग किया जा सके।

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वर्तमान में इस सिस्टम में ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन का इस्तेमाल हो रहा है। इसमें दो ऑपरेटर मौजूद रहेंगे जो जरूरत पड़ने पर मैनुअल ब्रेकिंग को संभालेंगे। पूरी तरह से ड्राइवरलेस संचालन, जिसे अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन कहा जाता है, के 2027 के मध्य तक सर्टिफिकेशन मिलने की उम्मीद है।

शुरुआती चरण में ट्रेनों का समय इस प्रकार रहेगा:

  • कार्यदिवसों पर पीक आवर्स (सुबह 8 बजे से 11 बजे और शाम 5 बजे से 8 बजे तक) में हर 10 मिनट में ट्रेन मिलेगी।
  • कार्यदिवसों के ऑफ-पीक समय में हर 15 मिनट पर सर्विस उपलब्ध होगी।
  • रविवार और सार्वजनिक छुट्टियों के दिन पूरे दिन हर 15 मिनट में ट्रेनें चलेंगी।

इस रूट पर 15 ट्रेनें चलेंगी जिनमें तीन-तीन कोच होंगे और प्रत्येक ट्रेन लगभग 900 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है। इन ट्रेनों की डिजाइन स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटा है, लेकिन फिलहाल इनकी औसत ऑपरेटिंग स्पीड 32 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है।

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किराये की बात करें तो इस हिस्से के लिए किराया 10 से 40 रुपये के बीच है। एयरपोर्ट, एग्मोर या सेंट्रल जैसे मुख्य केंद्रों तक जाने वाली यात्रा का किराया लगभग 50 रुपये होगा।

स्टेशनों की सूची और भविष्य की विस्तार योजनाएं

फिलहाल जनता के लिए 11 स्टेशन खोल दिए गए हैं। इनमें पूनमल्ले बाईपास, पूनमल्ले बस स्टैंड, पूनमल्ले गवर्नमेंट हॉस्पिटल, करयंचावड़ी, कुमनांचावड़ी, कट्टुपक्कम, इयप्पंथंगल, थेल्लियरागरम, पोरुर बाईपास, पोरुर जंक्शन और वडपलाणी शामिल हैं।

लाइन के बाकी हिस्सों पर निर्माण कार्य अभी जारी है, इसलिए छह डबल डेकर स्टेशनों को फिलहाल बाईपास कर दिया गया है। अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट को राज्य की एक बड़ी पहल से जोड़ा है जिसमें हाईवे सुधार, रेलवे अपग्रेड, पोर्ट डेवलपमेंट और IIT मद्रास ब्रेन सेंटर जैसी रिसर्च फैसिलिटी शामिल हैं।

पूरा फेज II नेटवर्क कुल 118.9 किलोमीटर लंबा होगा जो तीन अलग-अलग कॉरिडोर में फैला होगा। इस पूरे नेटवर्क की अनुमानित कुल लागत 63,246 करोड़ रुपये है, जिसे 2028 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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परिवहन विश्लेषकों का मानना है कि भारत के प्रमुख आईटी और औद्योगिक केंद्रों में से एक होने के कारण चेन्नई में ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करने के लिए यह कदम जरूरी था। इस नई लाइन की सफलता यात्रियों की बढ़ती संख्या और वडपलाणी जैसे मुख्य इंटरचेंज पर फेज I नेटवर्क के साथ इसके तालमेल पर निर्भर करेगी। अधिकारी शुरुआती महीनों के डेटा का उपयोग भविष्य की रणनीतियों को बेहतर बनाने के लिए करेंगे।

यह सेवाएं 12 अक्टूबर 2026 से सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक चलेंगी। भविष्य के ड्राइवरलेस मोड के लिए रात के समय टेस्टिंग का काम जारी रहेगा। यात्रियों के फीडबैक और रिलायबिलिटी मैट्रिक्स की निगरानी के आधार पर किराए या ट्रेन की फ्रीक्वेंसी में बदलाव किए जाएंगे।

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