Jio Platforms Limited भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा Initial Public Offering (IPO) लाने की तैयारी कर रहा है। कंपनी ने अपनी वैल्यूएशन 10.3 लाख करोड़ रुपये तक तय करने का लक्ष्य रखा है।
इस शेयर बिक्री के जरिए कंपनी लगभग 30,200 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। ये तमाम आंकड़े 9 और 10 अक्टूबर 2026 को Bloomberg और Reuters की रिपोर्ट में सामने आए हैं।
हालांकि आधिकारिक दस्तावेज अभी फाइनल नहीं हुए हैं, लेकिन खबरों के मुताबिक शेयरों का प्रस्तावित प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये के बीच हो सकता है। यह पूंजी जुटाने का प्रयास Hyundai Motor India के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देगा, जिसने 2024 के अपने IPO में 27,870 करोड़ रुपये जुटाए थे।
Reliance Industries की डिजिटल रणनीति और बिजनेस मॉडल
मुकेश Ambani ने इस लिस्टिंग को Reliance Industries की डिजिटल और टेलीकम्युनिकेशन शाखा के भीतर वैल्यू क्रिएशन के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है। यह इकाई Reliance Jio Infocomm का संचालन करती है, जो भारत की सबसे बड़ी वायरलेस ऑपरेटर कंपनी है।
Jio का बिजनेस मॉडल सिर्फ बेसिक कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं है। कंपनी के कारोबार में डिजिटल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड और एंटरप्राइज सर्विस जैसे अलग-अलग सेगमेंट शामिल हैं।
पब्लिक लिस्टिंग की प्रक्रिया और शेयरहोल्डिंग का विवरण
पब्लिक लिस्टिंग की नियामक यात्रा 19 जून 2026 को शुरू हुई थी। उस दिन कंपनी ने Securities and Exchange Board of India (SEBI) के पास अपना Draft Red Herring Prospectus दाखिल किया था।
SEBI ने 28 अगस्त 2026 को अपनी अंतिम टिप्पणियां दीं, जिससे कंपनी को अपनी प्राइसिंग और शेड्यूल तय करने का रास्ता साफ हो गया। Reliance Industries की इस डिजिटल फर्म में प्रमोटर हिस्सेदारी लगभग 66.43 प्रतिशत है।
कंपनी में कई बड़े ग्लोबल निवेशकों की भी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है, जिनमें शामिल हैं:
- Jaadhu Holdings के जरिए Meta की 9.98 प्रतिशत हिस्सेदारी।
- Google International की 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी।
- Silver Lake, KKR, Vista Equity, Mubadala, ADIA और TPG जैसे अन्य प्रमुख शेयरधारक।
इस फ्रेश इश्यू में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले अधिकतम 27 करोड़ इक्विटी शेयर शामिल होने की उम्मीद है। इस IPO से मिलने वाली राशि का मुख्य इस्तेमाल Reliance Jio Infocomm के मौजूदा कर्ज को चुकाने के लिए किया जाएगा। ड्राफ्ट फाइलिंग के अनुसार, कर्ज कम करने के लिए लगभग 27,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
वित्तीय प्रदर्शन और बाजार की उम्मीदें
वित्त वर्ष 2026 के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार कंपनी का ऑपरेशनल प्रोफाइल काफी मजबूत रहा है। कंपनी ने ऑपरेशंस से 1.47 लाख करोड़ से 1.72 लाख करोड़ रुपये के बीच राजस्व दर्ज किया है, जो करीब 14.5 से 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
टैक्स के बाद का मुनाफा (Profit after tax) 30,053 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी के पास 524.4 मिलियन सब्सक्राइबर्स का विशाल यूजर बेस है, जिसकी वजह से EBITDA मार्जिन 51 से 52 प्रतिशत के मजबूत स्तर पर बना हुआ है।
इस कुल यूजर बेस में 5G नेटवर्क पर लगभग 268 मिलियन यूजर्स शामिल हैं। प्रति यूजर औसत राजस्व (ARPU) 214 रुपये दर्ज किया गया है। मार्केट एनालिस्ट अब होम ब्रॉडबैंड कनेक्शन में कंपनी की ग्रोथ के आधार पर वैल्यूएशन का आकलन कर रहे हैं, जो 27.1 मिलियन यूनिट्स तक पहुंच गया है।
लॉन्च से पहले निवेशकों के सकारात्मक नजरिए को देखते हुए अनौपचारिक ग्रे मार्केट प्रीमियम 150 से 170 रुपये की रेंज में देखा गया है। ये आंकड़े अनौपचारिक हैं और अंतिम विचार-विमर्श और बाजार की स्थितियों के आधार पर बदल सकते हैं।
संभावित निवेशकों को इश्यू साइज और शेयर रिजर्वेशन की सटीक जानकारी के लिए आने वाले Red Herring Prospectus पर नजर रखनी चाहिए। कंपनी ने इस ऑफर के लिए एक संभावित समयरेखा तय की है। एंकर बुक 19 अक्टूबर को खुलने की उम्मीद है, जिसके बाद 21 से 23 अक्टूबर तक पब्लिक सब्सक्रिप्शन खुला रहेगा।
अगर मौजूदा अनुमान सही रहते हैं, तो शेयर बाजार में लिस्टिंग 28 अक्टूबर को हो सकती है। Reliance Industries के शेयरधारकों को मौजूदा निवेशकों के लिए किसी भी रिजर्व कोटा के संबंध में आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए।









