समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता से हटाना अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के राष्ट्रीय चरित्र, जिसे हिंदुस्तानीयत कहा जाता है, उसकी सुरक्षा के लिए बीजेपी का सत्ता से जाना जरूरी है।
7 अक्टूबर 2026 को वर्तमान राजनीतिक माहौल पर चर्चा करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि बीजेपी अब जनता का भरोसा और अपना जनाधार खो चुकी है। उन्होंने सत्तारूढ़ दल पर तानाशाही मानसिकता का आरोप लगाया।
अखिलेश यादव के अनुसार, बीजेपी की यह मानसिकता न केवल उसके अपने कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रही है, बल्कि PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों को दबाने का काम भी कर रही है।
बीजेपी के भीतर बढ़ता असंतोष और युवाओं की सोच
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के अंदर आंतरिक नाराजगी तेजी से बढ़ रही है। पार्टी के सदस्य अब इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि नीतिगत फैसलों में उनके साथ परामर्श क्यों नहीं किया जाता है।
उन्होंने यह भी गौर किया कि नई पीढ़ी का नजरिया बदल रहा है, जो बीजेपी की पारंपरिक विचारधाराओं को चुनौती दे रहा है। अखिलेश यादव ने धर्म के बजाय बुद्धिमानी और सामाजिक सद्भाव पर आधारित राजनीति की ओर बढ़ने का आग्रह किया।
2027 विधानसभा चुनाव और राजनीतिक विरोध
विधायी रणनीति पर बात करते हुए अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का पूरा ध्यान 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की 403 सीटों पर है। उन्होंने अपने हालिया बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य केवल तीन सीटें नहीं, बल्कि सभी 403 सीटें हैं।
राजनीतिक गतिविधियों के तहत अखिलेश यादव ने 7 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए विपक्ष के मार्च में हिस्सा लिया। इस दौरान उनके शांत दिखने की खबरों पर समाजवादी पार्टी ने स्पष्टीकरण दिया कि उन्हें 102 डिग्री बुखार था, जिसकी वजह से उनका व्यवहार ऐसा था।
सरकार पर गंभीर आरोप और आगामी कार्यक्रम
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला करते हुए राज्य सरकार को ‘चढ़ावा चोर’ बताया। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर चुनावी धांधली का आरोप लगाया और विशेष रूप से वोटर फॉर्म में अनियमितताओं की बात कही।
सरकार के ‘विकसित भारत’ के दावों की आलोचना करते हुए उन्होंने सामाजिक-आर्थिक विफलताओं का उदाहरण दिया। उन्होंने झांसी की हालिया दुखद घटना का जिक्र किया, जहां एक व्यक्ति अपनी पत्नी के अंतिम संस्कार का खर्च उठाने में असमर्थ था।
अखिलेश यादव अपने राजनीतिक दौरों को जारी रखेंगे। वह 8 अक्टूबर 2026 को श्रीमद् भागवत कथा में शामिल होने के लिए अयोध्या का दौरा करेंगे।









