बदायूं की उझानी पुलिस ने बुजुर्ग महिलाओं को ठगने वाले एक आपराधिक गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई उझानी रेलवे स्टेशन के पास स्थित खंडहरों के पास की गई, जहां से पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लिया।
इस गिरफ्तारी की पुष्टि पुलिस अधीक्षक सिटी, अभिषेक कुमार सिंह ने की। उन्होंने 6 अक्टूबर 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरी कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और पता
पुलिस ने इस गैंग के पांच सदस्यों को पकड़ा है। इनमें केशु, जो कि सेवरम का बेटा है और फिरोजाबाद के इंदिरा नगर की रैल की पुलिया कैंची गली का रहने वाला है, शामिल है।
गैंग के अन्य सदस्यों में आगरा की आवास विकास कॉलोनी, सिकंदरा के रहने वाले सतरू के बेटे रवि गहलोत और उसकी पत्नी सना शामिल हैं। इसके अलावा रवि गहलोत के बेटे कृष्णा और लखनऊ के अमौसी, कानपुर रोड स्थित अवध बिहार कॉलोनी की रहने वाली दकूर की पत्नी रामली को भी गिरफ्तार किया गया है।
ठगी करने का तरीका और हथियारों का इस्तेमाल
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, यह गैंग बुजुर्ग महिलाओं को ठगने के लिए एक खास तरीका अपनाता था। वे कागज के एक बंडल के ऊपर 500 रुपये का नोट रखकर उसे बड़ी नकदी का रूप देते थे और महिलाओं को झांसे में लेते थे।
इस फर्जी दौलत का लालच देकर वे पीड़ित महिलाओं को डराते-धमकाते थे और उनसे सोने की बालियां, चेन और अन्य गहने जबरन ले लेते थे। आरोपियों ने कबूल किया है कि वे अपने लक्ष्यों को डराने के लिए अपने साथ हथियार रखते थे।
बरामद सामान और आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस ने इस ऑपरेशन के दौरान आरोपियों के पास से कई चीजें बरामद की हैं। तलाशी के दौरान एक पिस्टल, दो कारतूस, एक चाकू और सोने के जेवर जैसे मंगलसूत्र, टॉप और अंगूठियां मिली हैं।
इसके अलावा पुलिस ने निम्नलिखित सामान भी जब्त किया है:
- 13,020 रुपये की नकदी
- फर्जी नोटों के बंडल
- सफेद धातु के कई सिक्के
अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी केशु का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ सिविल लाइन, कुनवरगांव और उझानी पुलिस स्टेशनों में पहले से ही आपराधिक मामले दर्ज हैं।

























