बाराबंकी के बरेल के पास हाईवे पर आज सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में एक अज्ञात वाहन ने ऑटो रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे एक पिता और उनकी बेटी की जान चली गई।
मृतक पिता और बेटी लखनऊ के रहने वाले थे। हादसे के समय वे दवाइयां खरीदने के लिए सफदरगंज जा रहे थे। इस भीषण टक्कर में एक महिला भी घायल हुई है।
बाराबंकी में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या
स्थानीय अधिकारियों ने बाराबंकी जिले में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई है। इस घटना ने एक बार फिर यातायात सुरक्षा नियमों को लागू करने के तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्षेत्र में हाल के दिनों में कई जानलेवा हादसे हुए हैं। 3 अक्टूबर 2026 को सुबेहा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के गेरवन गांव के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक दुर्घटना हुई थी। उस हादसे में अजय कुमार यादव और दीपचंद राय नाम के दो लोगों की मौत हो गई थी।
उस घटना में एक ट्रक ने दिल्ली से बिहार जा रही बस को टक्कर मारी थी, जिसमें 80 यात्री सवार थे। इस टक्कर की वजह से छह अन्य लोग घायल हो गए थे।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर अन्य घातक घटनाएं
हादसों का सिलसिला यहीं नहीं रुका। 4 अक्टूबर 2026 को सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक और अलग टक्कर हुई। इस हादसे में एक आर्मी सूबेदार के शव को ले जाते समय चार लोगों की मौत हो गई, जिनमें एम्बुलेंस ड्राइवर भी शामिल था।
इन लगातार होते हादसों के बाद बाराबंकी पुलिस ने व्यवस्था सुधारने के प्रयास तेज कर दिए हैं। 2 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए फुट पेट्रोलिंग शुरू करवाई और वाहनों की जांच बढ़ा दी।
बरेल क्षेत्र में भारी वाहनों की समस्या
पुलिस की इन कोशिशों के बावजूद सुरक्षा चुनौतियां बनी हुई हैं। 1 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई थी कि बरेल इलाके में भारी वाहन ‘नो-एंट्री’ जोन के नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
भारी वाहनों द्वारा नियमों को तोड़ने की वजह से इलाके में जाम की स्थिति बनी रहती है। नो-एंट्री जोन का उल्लंघन सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन रहा है और इससे दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ गया है।

























