उत्तर प्रदेश के रायबरेली में रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी (SP) के कार्यकर्ताओं ने एक बड़ा प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान डिग्री कॉलेज चौराहे के पास शहीद चौक पर स्थानीय पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच शारीरिक झड़प हो गई।
यह विरोध प्रदर्शन INDIA गठबंधन द्वारा 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक मनाए जा रहे ‘सेव डेमोक्रेसी वीक’ का एक हिस्सा था। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग की।
चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप और नारेबाजी
प्रदर्शनकारियों ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के जरिए चुनाव आयोग ‘वोट चोरी’ की घटना में शामिल है।
सपा कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए मार्च कर रहे थे और Gyanesh Kumar का पुतला जलाने की कोशिश कर रहे थे। जब पुलिस ने पुतले को जब्त करने की कोशिश की, तो वहां मौजूद लोगों और पुलिस के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
पुलिस की कार्रवाई और हिरासत
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस अधिकारियों ने हल्के बल का प्रयोग किया। यह पूरा हंगामा लगभग 30 मिनट तक चलता रहा, जिसके बाद स्थिति को संभालने की कोशिश की गई।
इस टकराव के दौरान पुलिस ने कम से कम दो लोगों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में एक पहचाने गए सपा कार्यकर्ता और एक अन्य युवक शामिल थे, जिन्हें पुलिस वाहन में बैठाया गया।
नेताओं की प्रतिक्रिया और ट्रैफिक जाम
सपा के जिला अध्यक्ष Virendra Yadav ने सार्वजनिक रूप से चुनाव आयोग के कामकाज की आलोचना की। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया की ईमानदारी को लेकर पार्टी की पुरानी चिंताओं को दोहराया।
वहीं, सपा विधायक Shahid Manzoor ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने इस कार्रवाई को सत्ताधारी पार्टी के दबाव में किया गया दमनकारी तरीका बताया।
इस हंगामे की वजह से इलाके में करीब दो घंटे तक ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित रहा। एम्बुलेंस सहित कई वाहनों को निकलने में देरी हुई, जिससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। काफी समय बाद यहां सामान्य स्थिति बहाल हो सकी।

























