उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने आगामी चुनावों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एक नया रणनीतिक रोडमैप तैयार किया है। AICC रिसर्च डिपार्टमेंट के नेशनल कोऑर्डिनेटर गौरव कपूर ने वाराणसी में इस नई रणनीति की घोषणा की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ‘PDA’ ढांचे को INDIA गठबंधन के साथ जोड़ना है।
गौरव कपूर ने स्पष्ट किया कि PDA का अर्थ पंडित (ब्राह्मण), दलित और अल्पसंख्यक से है। यह सामाजिक गठबंधन संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए बनाया गया है। पार्टी इस फॉर्मूले के जरिए समाज के इन वर्गों को एक साथ लाने की कोशिश करेगी।
कपूर के अनुसार, PDA प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए किया जाएगा। पार्टी इन चुनावों के लिए अपने सहयोगी समाजवादी पार्टी के साथ तालमेल बिठाकर आगे बढ़ेगी। यह रणनीति पार्टी की चुनावी पहुंच बढ़ाने का मुख्य जरिया बनेगी।
संगठनात्मक बदलाव और नई नियुक्तियां
राज्य इकाई में रणनीतिक बदलावों के साथ-साथ नेतृत्व में भी बड़े परिवर्तन किए गए हैं। 2 अक्टूबर 2026 को प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट से कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को नया उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्होंने अजय राय की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है।
अपनी नियुक्ति के बाद आराधना मिश्रा ने भरोसा जताया कि समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन सफल होगा। उन्होंने दावा किया कि यह गठबंधन 2027 में योगी आदित्यनाथ सरकार को हटाने में कामयाब होगा। मिश्रा ने यह भी कहा कि राज्य में अगली सरकार कांग्रेस ही बनाएगी।
कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी और संकल्प
संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए 2 अक्टूबर 2026 को सांसद इमरान मसूद को यूपी कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके बाद 3 अक्टूबर 2026 को उन्होंने औपचारिक रूप से अपना पद संभाला, जहां समर्थकों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया।
इमरान मसूद ने अपने बयान में पार्टी नेतृत्व द्वारा उन पर जताए भरोसे को बनाए रखने का वादा किया। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के निर्देशों को लागू करने में अपनी पूरी ऊर्जा लगाएंगे। मसूद ने आने वाले चुनावी चक्रों की तैयारी के दौरान संगठनात्मक हितों को प्राथमिकता देने की बात कही है।









