लखनऊ में छात्रों और युवाओं के लिए आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान टीचर नीतू सिंह समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ मंच पर नजर आईं। इस मौके पर उन्होंने उत्तर प्रदेश में युवाओं की स्थिति पर बात की।
नीतू सिंह ने राज्य में रोजगार के हालात और भर्ती परीक्षाओं के संचालन को लेकर कई गंभीर चिंताएं जताईं। उन्होंने युवाओं के भविष्य को लेकर अपनी बात रखी।
रोजगार का अधिकार और सरकारी जिम्मेदारी
नीतू सिंह ने अपने संबोधन में स्पष्ट रूप से कहा कि रोजगार युवाओं का एक मौलिक अधिकार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वह युवाओं के लिए नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
उनके अनुसार, युवाओं को समय पर रोजगार मिलना चाहिए ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। उन्होंने सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।
भर्ती परीक्षाओं में कमियां और समस्याएं
नीतू सिंह ने भर्ती परीक्षाओं के सिस्टम में मौजूद कई खामियों की ओर इशारा किया। उन्होंने बताया कि राज्य में भर्ती परीक्षाओं के लिए कोई व्यवस्थित कैलेंडर नहीं है, जिससे छात्रों में असमंजस रहता है।
उन्होंने परीक्षाओं से जुड़ी निम्नलिखित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया:
- नियुक्तियों में होने वाली अत्यधिक देरी।
- परीक्षा परिणामों को लेकर पैदा होने वाले विवाद।
- आंसर की (Answer Key) में होने वाली गलतियां।
- नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया से जुड़ी दिक्कतें।
इन समस्याओं के उदाहरण देते हुए उन्होंने विशेष रूप से UP TET, Super TET और UP Police SI जैसी परीक्षाओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इन परीक्षाओं के उम्मीदवारों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।
युवाओं से अपील और विपक्ष का समर्थन
नीतू सिंह ने राज्य के युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं। उन्होंने युवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और जमीनी स्तर पर एकजुट होकर संघर्ष करने की सलाह दी।
इसके साथ ही उन्होंने युवाओं की समस्याओं को समझने और उनका साथ देने के लिए अखिलेश यादव और विपक्ष द्वारा दिए गए समर्थन के प्रति आभार जताया।









