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India Pakistan War Weapons; China Fighter Jets | Rafael Sukhoi Missile | आज का एक्सप्लेनर: इन 5 हथियारों के दम पर आंखें दिखा रहा पाकिस्तान, सभी चीन ने सप्लाई किए; क्या भारत के पास काउंटर तैयार

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Naradsamvad - Narad news Agency
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पाकिस्तान जंग को उतावला है। कम से कम उसकी लीडरशिप के बयानों से तो यही लगता है। 1 मई को तिल्ला फील्ड फायरिंग रेंज पहुंचे पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने टैंक पर खड़े होकर कहा- भारत की किसी भी सैन्य हिमाकत का तुरंत और उससे भी बड़ा जवाब दिया जाएगा।

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पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने हाल ही में कहा था कि उनके पास पुख्ता खुफिया जानकारी है कि भारत कुछ दिनों में हमला करेगा। ऐसे किसी भी दुस्साहस का हर हाल में जोरदार जवाब दिया जाएगा।

आखिर किन हथियारों के दम पर इतना उछल रहा है पाकिस्तान और भारत इनका मुकाबला किन हथियारों से कर सकेगा; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में…

1. पाकिस्तान के पास 20 J-10C फाइटर जेट्स पाकिस्तान ने दिसंबर 2021 में चीन से 25 J-10C फाइट जेट्स खरीदने का कॉन्ट्रैक्ट किया। बाद में इसे बढ़ाकर 50 कर दिया गया। पहली डिलीवरी मार्च 2022 में हुई। अभी तक 20 J-10C फाइट जेट्स पहुंच चुके हैं। भारत से संघर्ष की स्थिति में चीन एक्सप्रेस डिलीवरी भी कर सकता है।

J-10C से मुकाबले के लिए भारत के पास घातक राफेल जेट्स

  • भारत ने 2019-2022 के बीच फ्रांस से 36 राफेल जेट्स 59 हजार करोड़ रुपए में खरीदे। यानी एक राफेल के कीमत J-10C से 3 गुना ज्यादा है।
  • राफेल को फ्रांस के दसॉल्ट एविएशन ने बनाया। यह ट्विन-इंजन जेट है, जिसका वजन 10,300 किग्रा. है। इसकी अधिकतम स्पीड 2,220 किमी/प्रति घंटा है।
  • राफेल में मेटयोर मिसाइल, रडार-गाइडेड मिसाइल, लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल, एंटी-शिप मिसाइल, गाइडेड बम और 30 मिमी. तोप लगी है।
  • ट्विन इंजन होने की वजह से राफेल एक इंजन फेल होने पर भी उड़ सकता है, जबकि पाकिस्तान का J-10C एक ही इंजन के साथ आता है।
  • इसके अलावा J-10C का इम्तिहान होना बाकी है, लेकिन राफेल कहीं ज्यादा व्यापक टेस्टिंग और लाइव-फायर ड्रिल्स से गुजारा गया है।
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2. पाकिस्तान के पास 150 से ज्यादा JF-17 थंडर फाइटर जेट्स JF-17 थंडर फाइटर जेट को चीन की CAC और पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्पलेक्स (PAC) ने मिलकर बनाया। यह 2007 में पाकिस्तान एयरफोर्स में शामिल हुआ। इस समय पाकिस्तान के पास 150 से ज्यादा JF-17 फाइटर जेट्स हैं। JF-17 थंडर पाकिस्तान एयरफोर्स का मुख्य जेट है, जो अमेरिकी F-16 और चीनी J-10C के साथ मिलकर मजबूत हवाई सुरक्षा बनाता है।

पाकिस्तान के JF-17 थंडर फाइटर जेट के मुकाबले भारत का तेजस

  • तेजस और JF-17 चौथी जेनरेशन के हल्के, सिंगल-इंजन और मल्टी-रोल फाइटर जेट हैं। लेकिन तेजस इसमें भारी पड़ता है।
  • तेजस को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी HAL ने बनाया। इसे 2015 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया।
  • तेजस की कॉम्बैट रेंज 1,200 किमी है और यह 55,500 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। तेजस की मैक्सिमम स्पीड 1,970 किमी./प्रति घंटा है।
  • AESA रडार सिस्टम, EL/M-2032 मल्टी-मोड रडार, छोटी दूरी की मिसाइलें, एंटी-शिप मिसाइलें, ग्लाइड बम, लेजर-गाइडेड बम, अस्त्र और ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें लगी हैं।
  • JF-17 के मुकाबले तेजस ज्यादा तेजी से उड़ान भर सकता है, क्योंकि इसमें एडवांस्ड डिजाइन और फ्लाई-बाय-वायर सिस्टम है।

3. चार साल पहले मिला HQ-9 AD मिसाइल सिस्टम पाकिस्तान ने 14 अक्टूबर 2021 को HQ-9 AD मिसाइल सिस्टम को सेना में शामिल किया। इसे चीन की प्रिसीजन मशीनरी इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (CPMIEC) ने बनाया। यह लंबी दूरी तक सतह से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम है। जिसे भारत के राफेल, सुखोई और ब्रह्मोस के हमलों को रोकने के लिए कराची में तैनात किया गया है।

HQ-9 AD से कहीं एडवांस भारत का S-400 डिफेंस सिस्टम

  • भारत ने S-400 डिफेंस सिस्टम को रूस से खरीदा और 2021 में सेना में शामिल किया। यह एयक्राफ्ट्स, क्रूज मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल, ड्रोन और स्टील्थ एयरक्राफ्ट्स को रोकने में सक्षम है।
  • रेंज 400 किमी. तक है, जबकि पाकिस्तान के HQ-9 AD की रेंज सिर्फ 125 किमी. है। इसमें 6 लॉन्चर हैं, जो फुली लोड होने पर 128 मिसाइलें लॉन्च कर सकते हैं।
  • पाकिस्तान के HQ-9 AD को तैनात करने में 35 मिनट का समय लगता है, जबकि S-400 5 मिनट में तैनात हो जाता है।
  • AESA रडार स्टील्थ विमानों और ज्यादा टारगेट्स को ट्रैक करते हैं, जबकि HQ-9 का PESA रडार कमजोर है।
  • पाकिस्तान के JF-17, F-16, और बाबर क्रूज मिसाइलों को आसानी से रोक सकता है।
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4. पाकिस्तान के पास एक मिनट में 6 गोले दागने वाला SH-15 होवित्जर पाकिस्तान ने 2019 में चीन से 236 SH-15 होवित्जर की डील साइन की। 2022 में पहली डिलीवरी हुई। SH-15 की तेज रफ्तार के चलते इसे हिट-एंड-रन स्ट्रैटजी में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी यह अटैक करके दुश्मन के रिएक्शन से पहले ही सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाएगा।

SH-15 होवित्जर के मुकाबले कहीं एडवांस भारत की K9-वज्र थंडर तोप

  • SH-15 होवित्जर का मुकाबला करने के लिए भारत के पास K9- वज्र थंडर तोप है। SH-15 की तरह इसकी फायर रेंज भी 40-50 किमी. है।
  • 155 मिमी. कैलिबर तोप लगी है, जो एक मिनट में 6-8 गोले दाग सकती है।
  • 50 टन वजनी K9-वज्र थंडर तोप को डिजिटल सिस्टम से कंट्रोल किया जाता है।
  • भारत ने दक्षिण कोरिया से K9-वज्र टेक्नोलॉजी लेकर बनाया। भारतीय आर्मी के पास 100 K9-वज्र हैं। सरकार ने इसे बनाने वाली कंपनी L&T को 100 और वज्र बनाने का ऑर्डर दिया।
  • शुरुआत में इसे रेगिस्तान के लिए बनाया गया, लेकिन 2020 में गल्वान घाटी में चीन के साथ हुई मुठभेड़ के बाद इसे ठंडे इलाकों के हिसाब से अपग्रेड किया जा रहा।
  • नए वज्र को -20 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में ऑपरेट किया जा सकेगा, जिससे भारत लद्दाख जैसे ठंडे इलाकों में भी इसका इस्तेमाल कर सके।
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5. खराब मौसम में भी सटीक हमला कर सकता पाकिस्तानी CH-4 ड्रोन CH-4 ड्रोन को चीन की चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन यानी CASC ने बनाया। 2021 में पाकिस्तान की एयरफोर्स ने चीन से 5 CH-4 ड्रोन खरीदे थे। मई 2024 में 24 मिलियन डॉलर यानी करीब 202 करोड़ रुपए के 10 और ड्रोन खरीदे गए। यह दुश्मन पर नजर रखने और हमला करने में सक्षम हैं।

CH-4 ड्रोन की तुलना में भारत MQ-9B ड्रोन तैयार कर रहा

  • भारत का ड्रोन सिस्टम डेवलपिंग फेज में है। 2024 तक भारत ने करीब 2,500 ड्रोन्स को सेना में शामिल किया।
  • भारत के पास MQ-9B स्काई गार्डियन ड्रोन है, जो पाकिस्तान के CH-4 ड्रोन को टक्कर दे सकता है। इसे अमेरिकी कंपनी जनरल एटोमिक्स बना रही है।
  • भारत ने फरवरी 2024 में 31 MQ-9B ड्रोन्स का सौदा किया। डिलीवरी 2025-2028 के बीच शुरू होगी।
  • पेलोड कैपिसिटी 2,580 किग्रा. है, यानी यह 2,580 किग्रा. वजनी सामान या हथियार ले जा सकेगा।
  • हेलफायर मिसाइलें, GBU-39B स्मॉल डायमीटर बम और EO/IR सेंसर लगा होगा, जो दुश्मन की लोकेशन पर सटीक निशाना लगा सकेगा।
  • अधिकतम 440 किमी./ घंटा की रफ्तार से उड़ सकता है और इसकी रेंज 11,112 किमी. है।

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रिसर्च सहयोग- श्रेया नाकाड़े

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