के के शुक्ला-एडिटर
रामनगर (बाराबंकी) – तहसील रामनगर क्षेत्र के अंतर्गत स्थित चौकाघाट रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे विभाग द्वारा गुमटी निर्माण का कार्य कराया जा रहा है, लेकिन इस कार्य में भारी अनियमितताएं सामने आ रही हैं। निर्माण में मानक के विपरीत घटिया गुणवत्ता की पीली ईंटों का उपयोग किया जा रहा है, जो निर्माण की गुणवत्ता और दीर्घकालिक मजबूती पर सवाल खड़ा करता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेलवे विभाग के संबंधित अधिकारी इस मामले में जानबूझकर आंखें मूंदे हुए हैं। गोंडा रेलवे विभाग के जूनियर इंजीनियर सुनील कुमार की देखरेख में चल रहे इस निर्माण कार्य की न तो ठीक से निगरानी की जा रही है और न ही गुणवत्ता की जांच। बताया जा रहा है कि नींव से लेकर दीवार तक हर जगह पीली ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है, जो रेलवे के निर्धारित मानकों के खिलाफ है।
जब जूनियर इंजीनियर सुनील कुमार से इस मामले पर सवाल किया गया तो उन्होंने निर्माण कार्य को “मानकों के अनुरूप” बताया और संवाददाता पर ही भड़क गए। उन्होंने कैमरे पर रिकॉर्डिंग करने पर आपत्ति जताई और अभद्र व्यवहार करते हुए संवाददाता से यह भी पूछा कि उन्हें उनका नाम किसने बताया। एक जिम्मेदार अधिकारी द्वारा इस तरह का व्यवहार न केवल असंवेदनशील है, बल्कि यह संदेह को और भी गहरा करता है।
सूत्रों के अनुसार, निर्माण कार्य में कमीशनबाजी का खेल चल रहा है, जिससे संबंधित अधिकारी निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दे रहे। कुछ जागरूक नागरिकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत के चलते घटिया सामग्री का उपयोग हो रहा है।
इस पूरे प्रकरण ने रेलवे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। यदि जल्द ही इस निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो इससे न केवल सरकारी धन की बर्बादी होगी, बल्कि भविष्य में यात्रियों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा सकता है।
जनहित और पारदर्शिता की मांग:
स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि अब इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं ताकि दोषियों को चिन्हित कर उन पर कार्रवाई की जा सके। साथ ही यह भी आवश्यक है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोहराई न जाए और सार्वजनिक निर्माण कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ हों।









