Skip to main content

Naradsamvad

ब्रेकिंग न्यूज़

चौकाघाट रेलवे स्टेशन के पास गुमटी निर्माण में मानकों की अनदेखी, पीली ईंट का हो रहा प्रयोग – विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत उजागर

Naradsamvad
Naradsamvad - Narad news Agency
3 Min Read

के के शुक्ला-एडिटर

Ad image

 

रामनगर (बाराबंकी) – तहसील रामनगर क्षेत्र के अंतर्गत स्थित चौकाघाट रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे विभाग द्वारा गुमटी निर्माण का कार्य कराया जा रहा है, लेकिन इस कार्य में भारी अनियमितताएं सामने आ रही हैं। निर्माण में मानक के विपरीत घटिया गुणवत्ता की पीली ईंटों का उपयोग किया जा रहा है, जो निर्माण की गुणवत्ता और दीर्घकालिक मजबूती पर सवाल खड़ा करता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेलवे विभाग के संबंधित अधिकारी इस मामले में जानबूझकर आंखें मूंदे हुए हैं। गोंडा रेलवे विभाग के जूनियर इंजीनियर सुनील कुमार की देखरेख में चल रहे इस निर्माण कार्य की न तो ठीक से निगरानी की जा रही है और न ही गुणवत्ता की जांच। बताया जा रहा है कि नींव से लेकर दीवार तक हर जगह पीली ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है, जो रेलवे के निर्धारित मानकों के खिलाफ है।

ALSO READ  दिल्ली में प्रदूषण मापने वाली नई लैब शुरू, डेटा के मुताबिक 25 प्रतिशत PM2.5 के लिए वाहन जिम्मेदार

जब जूनियर इंजीनियर सुनील कुमार से इस मामले पर सवाल किया गया तो उन्होंने निर्माण कार्य को “मानकों के अनुरूप” बताया और संवाददाता पर ही भड़क गए। उन्होंने कैमरे पर रिकॉर्डिंग करने पर आपत्ति जताई और अभद्र व्यवहार करते हुए संवाददाता से यह भी पूछा कि उन्हें उनका नाम किसने बताया। एक जिम्मेदार अधिकारी द्वारा इस तरह का व्यवहार न केवल असंवेदनशील है, बल्कि यह संदेह को और भी गहरा करता है।
सूत्रों के अनुसार, निर्माण कार्य में कमीशनबाजी का खेल चल रहा है, जिससे संबंधित अधिकारी निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दे रहे। कुछ जागरूक नागरिकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत के चलते घटिया सामग्री का उपयोग हो रहा है।
इस पूरे प्रकरण ने रेलवे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। यदि जल्द ही इस निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो इससे न केवल सरकारी धन की बर्बादी होगी, बल्कि भविष्य में यात्रियों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा सकता है।

ALSO READ  बाराबंकी देवा मेला 2026 की तैयारियां पूरी, 120 CCTV कैमरे और 200 महिला पुलिसकर्मी संभालेंगी सुरक्षा

जनहित और पारदर्शिता की मांग:

स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि अब इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं ताकि दोषियों को चिन्हित कर उन पर कार्रवाई की जा सके। साथ ही यह भी आवश्यक है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोहराई न जाए और सार्वजनिक निर्माण कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ हों।

ALSO READ  भारत 23 अक्टूबर 2028 तक बनाएगा खुद के डिजाइन और ब्रांड वाले स्मार्टफोन, अश्विनी वैष्णव ने किया ऐलान
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
Account
Cart
Search
error: Content is protected !!