बाराबंकी:राजधानी से आए जानलेवा तेंदुए से बाराबंकी के क्षेत्र में हड़कंप

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रिपोर्ट/कृष्ण कुमार शुक्ल/मोनू कुमार

बाराबंकी
लखनऊ महानगर में आतंक का पर्याय बन चुके तेंदुए के सफदरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम लालपुर में बीती मध्य रात्रि एक बकरी को निवाला बनाये जाने से इलाके में दहशत का माहौल बन गया है
सूचना के बाद से भारी पुलिस बल व वन विभाग की टीम गांव के बाहर जंगलों में कांबिंग कर रही है। ग्रामीण जहाँ तेंदुए की आमद बता रहे है वही वन विभाग के अधिकारी इसे लकड़बग्घा बता रहे हैं।

【 बकरी को बनाया निवाला 】
लखनऊ महानगर की घनी आबादी के बीच आंखमिचौली करने वाला तेंदुआ 5 दिन पूर्व लखनऊ से सटे निन्दुरा क्षेत्र में देखे जाने के बाद शनिवार की देर शाम असंद्रा थाना क्षेत्र में तेंदुए के पहुँचने के बाद वन एवं पुलिस टीम सतर्क होकर जांच में जुटी थी इसी बीच बीती मध्य रात्रि करीब ढाई बजे रामनगर रेंज और सफदरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम लालपुर में तेंदुआ को लेकर हड़कंप मच गया। घर के बाहर बंधी उस्मान पुत्र खालिक की बकरियां अचानक चिल्लाने लगी बकरियो की आहट पर घर से बाहर निकले तो बकरियो के बाड़े में रात के अंधेरे में एक बड़े जानवर को देखा जिसने बकरियों पर हमला बोला था। उस्मान ने चिल्ला कर गांव वालों को जागने के लिए चिल्लाया तो जानवर बकरी को अपने साथ लेकर भाग गया। कुछ ही देर में पूरे गांव में लोग लाठी डंडा व टार्च से लेकर दौड़े परन्तु जानवर जंगल की ओर भाग गया और पुलिस व वन विभाग को सूचना दी मौके पर पहुंची संयुक्त टीम ने जांच पड़ताल शुरू की तो के दौरान करीब 50 मीटर की दूरी पर बकरी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। रात ढाई बजे से सुबह तक वन विभाग के रेंजर सुबोध कुमार शुक्ला व डिप्टी रेन्जर दिलीप गुप्ता गांव में मौजूद रहे।

【 विभाग बता रहा लकड़बग्घा 】
एसडीओ डॉ एनके सिंह ने बताया कि मृत बकरी के अवशेषों को देखने और नाखून व पंजों के निशान से ये अनुमान लगाया जा सकता है। यह तेंदुआ नहीं बल्कि लकडबघ्घा है। फिलहाल जांच पड़ताल की जा रही है। क्षेत्र में तेंदुए की आमद को लेकर दहशत व्याप्त हो गई है। रविवार सुबह तो यह आलम था कि गांव के लोग अपने बच्चों को घर से बाहर निकलने ही नहीं दिया। खेतों की देखभाल व शौच के लिए बाहर जाने वाले लोग निकले ही नहीं।

【 काम्बिंग के निर्देश 】

रामनगर रेन्ज के रेन्जर सुबोध कुमार शुक्ला ने वन विभाग की टीम को काम्बिंग करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों से तेंदुए की अफवाह को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ग्रामीणों से देर रात बच्चों को बाहर न निकलने की अपील की। और जानवरों को खुले में बांधने की सलाह दी।

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