क्षेत्रीय किसानो मे एक बड़ी आय का जरिया थी बुढ़वल शुगर मिल,चर्चा बढ़ी

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रामनगर/बाराबंकी

आगामी चुनाव आते ही सभी पार्टियों के वादे शुरू हो जाते है उसी क्रम में प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने सदन से ऐलान कर दिया है। बताते चले क्षेत्रीय किसानों के दिलों पर सात दशको के अधिक समय से राज करने वाली बुढ़वल शुगर मिल का प्लांट और मशीनरी कथित किसानों के ही सरकार में बिक्री हो जाने के चलते यह मिल अभी तक अपने जीवन की अंतिम सांसे भी तोड चुकी थी।लेकिन विधानसभा के विगत चुनाव मे चुनाव प्रचार के दौरान मिल के सामने आयोजित कार्यक्रम मे योगी जी ने बुढवल चीनी मिल को पुनः चालू करने का वादा कर क्षेत्रीय किसानो को प्रभावित करने का कार्य किया।अब प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्य नाथ ने अपने अन्तिम समय मे स्वंय के द्वारा किये गये वादे पर मुहर लगा दी।जिसे क्षेत्रीय किसानो के दर्द पर एक बार फिर मरहम लगाने का प्रयास भर माना जा रहा है ।मालुम हो कि विगत की समाजवादी सरकार मे क्षेत्रीय किसानो के दिलो पर राज करने वाली बुढवल शुगर मिल के प्लान्ट और मशीनरी की बात छोडिये नीव की ईटे और चिमनी तक खुद गयी।ततकालीन भाजपा सांसद प्रियंका सिह रावत ने जिसे लेकर धरना प्रदर्शन की तैयारी कर विरोध करने का बीडा उठाया मगर अन्तिम समय मे उनका यह कार्यक्रम रद्द हो गया।जिस पर भी किसानो की तरफ से सवाल उठाये गये थे।बताते चले 1935 से बुढवल शुगर मिल क्षेत्रीय किसानों के भरपूर आय का जरिया बनी हुई थी।उसमें तब और चार चांद लग गए जब जब तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने 1990 में इसे और बड़ा मिल बनाने के लिये तमाम किसानों की जमीन अधिग्रहीत कर कार्य भी शुरू करवा दिया।लेकिन सन 2007 में बसपा शासन काल के समय यह मिल पूर्णतया बंद कर दी गई विगत विधानसभा चुनाव में वादा कर समाजवादी पार्टी के यहा से अरविन्द कुमार सिह गोप इस क्षेत्र से विधायक फिर मंत्री बने।मिल को पुनः चालू किये जाने का वादा भी किया गया था।लेकिन यह यह क्या किसानों की ही सरकार में इस मिल की भारी-भरकम मशीनरी ओने पौने दामों में जहां बेच दी गई वहीं विगत के लोकसभा चुनाव में भाजपा से सांसद बनी प्रियंका सिंह रावत ने भी इस मिल को चालू करवाने मुद्दा जमकर भुनाया था।लेकिन उन्ही के कार्यकाल में इस मुद्दे पर हुये भारतीय किसान यूनियन के द्वारा ठेकेदार को कटिंग का सामान ना उठाने के लिये निरंतर धरना प्रदर्शन किया।किसी तरह वह लोग कई वर्षों का गन्ना मूल्य भुगतान जारी करवाने मे सफल हुये मगर चीनी मिल का सामान न उठने और मिल को पुनः चालू करवाने मे सफल नही हो पाये।अब यह बात अलग है कि राजनीतिक महारथी बुढवल शुगर मिल की चुनावो के समय याद करते रहे है।लेकिन इस बार प्रदेश सरकार के मुखिया योगी जी की ओर से सदन मे घोषणा कर देने से आशा की किरण जग चुकी है।क्षेत्र के जागरुक जन योगी जी की घोषणा से आश्वस्त तो जरुर हुये है लेकिन सभी ने चुनावी आचार संहिता से पहले मिल निर्माण के समबंध मे त्वरित प्राथमिकताओ का कार्य शुरु कराये जाने की मांग की है।

रिपोर्ट/कृष्ण कुमार शुक्ल/विवेक शुक्ल

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