विद्युत बिल बकायेदारों को नोटिस जारी बिल भुगतान न करने पर की जाएगी कुड़की

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रामनगर/बाराबंकी

रामनगर तहसील के अंतर्गत विद्युत उपभोक्ताओं को नोटिस किया जारी बकाया बिल जमा न करने पर कुड़की करने का दिया आदेश उपभोक्ता परेशान जनता में बना हुआ चर्चा का विषय जानकारी के मताबिक विद्मुत विभाग के अधिकारियो की ओर से उपभोक्ताओ को आर सी जारी कर मनमाने तरीके से अवैद्म वसूली की जा रही है।बडी संख्या मे बकायेदार उपभोक्ताओ के ऊपर विद्मुत चोरी के आरोपो के साथ आर सी जारी कर औने पौने कीमत की रसीद थमा कर इति श्री कर रहे है।बेलगाम और भ्रष्ट अधिकारियो के ऊपर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशो निर्देशो की खुलेआम धज्जिया उडाई जा रही है।चुनाव के समय उपभोक्ताओ को परेशान कर यह अधिकारी सरकार की छवि लगातार धूमिल कर रहे है।यहा पर सबसे बडी बात तो यह है कि उपजिलाधिकारी के डी शर्मा और तहसीलदार सुरेन्द्र कुमार के कडे रुख से क्षेत्र मे हडकम्प मचा हुआ है।चर्चित यह मामला बाराबंकी जिले के विद्मुत स्टेशन बुढवल रामनगर से समबंधित क्षेत्र का है।आरोप है कि नगर पंचायत रामनगर के धमेडी दो मे पूर्व के समय मे अशोक कुमार सिह पुत्र राजनरायन सिह का मिनिरल वाटर प्लान्ट मे मीटर रीडिग को लेकर मामला उपभोक्ता फोरम मे चल रहा है।मामले से तिलमिलाये विभाग ने उनका विद्मुत कनेक्शन काट दिया तब से उस प्लान्ट का काम समाप्त हो गया।वर्ष दो हजार उन्नीस के इस मामले मे विभाग ने ऊपर से विद्मुत चोरी की आर सी तहसील भेज दी।क्षेत्रीय अमीन ने दिनाक 11/12/2022 को नोटिश तामील करा दी।दो वर्ष बाद जारी विद्मुत चोरी के मामले पर मिली नोटिश मे चोरी की तारीख तक दर्ज नही है पीडित ने जनसूचना अधिकार कानून के तहत उक्त मामले की जानकारी मांगी है जिससे सवाल उठ रहे है।इसी प्रकार अवध सर्विस स्टेशन के नाम पर 5 लाख 95 हजार रुपयो के करीब आर सी जारी कर दी गयी जबकि पता यह चल रहा है कि 2 लाख 26 हजार रुपयो के करीब मामला तय हो गया।इरशाद अहमद पुत्र नूर मोहम्मद के नाम 1 लाख 21 हजार 970 रुपयो के सापेक्ष करीब 70 हजार रुपये जमा कराये गये।डा. विशाल सर्जिकल सेन्टर के नाम पर 1 लाख 55 हजार 357 रुपयो की आर सी के सापेक्ष 22 हजार 500 रुपयो जमा कराये गये।इस मामले मे बताया जा रहा है कि 80 हजार रुपये व्यवस्थित किया गया।रमेश चन्द्र नाग के नाम पर 16 हजार 941 रुपयो की जारी आर सी के सापेक्ष 2 हजार 941 रुपये जमा कराये गये।आशीष जायसवाल के नाम पर बकाया 1 लाख 13 हजार 893 रुपयो के सापेक्ष करीब 28 हजार रुपये जमा करवाये गये।इस मामले मे अब सूत्रो की माने तो 70 हजार रुपये व्यवस्थित हो गये।खैर विद्मुत विभाग से जारी बकायेदारो और विद्मुत चोरी की आर सी का यह तो मात्र बानगी भर है।क्षेत्र के जागरुक जनो मे सवाल तो इस बात का है कि विद्मुत विभाग के अधिकारी विवादित मामलो का निपटारा करके भेजे और तहसील भेज दिये जाने के बाद समस्त अधिकार तहसील प्रशासन के अधीन रहे।लेकिन ऐसा होने पर इनकी कमाऊ नीति पर ग्रहण लग जायेगा।क्षेत्र मे मचे हडकप्प और जन चर्चा के समबंध मे अधिशाषी अभियन्ता हर्षित श्रीवास्तव से हमारे संवाददाता ने जब बात की तब उनका कहना था कि आर सी अधिक की और जमा राशि का कम होना समाधान योजना के कारण है अब छूट किसे किसे है इस बिन्दु को वह नजरन्दाज कर गये।

रिपोर्ट /कृष्ण कुमार शुक्ल

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