तालाब व रेलवे लाइन से दस कदम की दूरी पर बनाया जा रहा है पंचायत भवन

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रामनगर/बाराबंकी

विकासखंड रामनगर के अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहारी के बीचो बीच रेलवे लाइन पटरी निकली हुई हैं। उसके आसपास कोई भी क्रासिंग बैरिकेटिंग नही है।रेलवे लाइन के किनारे ही पंचायत भवन का निर्माण ग्राम प्रधान के द्वारा कराया गया है। पंचायत भवन के एक तरफ रेलवे लाइन तो दूसरी तरफ गंदे पानी का तालाब ऐसे में ग्रामीणों को पंचायत भवन तक जाने के लिए भारी खतरे से जूझकर जाना पड़ेगा। एक तरफ योगी सरकार की मंशा के अनुरूप क्षेत्र के तमाम गांवो में बन रहे पंचायत भवनों का उद्देश्य यह है कि एक छत के नीचे ग्रामीण बैठकर अपने गांव पंचायत के चहुंमुखी विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार कर आगे उसे अमली जामा पहना सकें।लेकिन शासन प्रशासन की मंशा के ठीक विपरीत ग्राम पंचायत मोहारी में बन रहे ग्राम पंचायत भवन से मात्र दस कदम की दूरी पर रेल लाइन तथा पांच कदम की दूरी पर तालाब है।यहां पर सबसे अहम बात तो यह है कि यहां आने जाने के लिए कोई मार्ग दिखाई नहीं पड़ रहा जिससे गांव में तैनात ग्राम सचिव मोटर साइकिल से ही पंचायत भवन तक पहुंच सके।ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी धन का केवल दुरुपयोग किये जाने की तैयारी है।मालूम हो कि विकास खंड रामनगर के अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहारी में बन रहे पंचायत भवन निर्माण कार्य के स्थल को लेकर ग्रामीणों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।एक तरफ गिनती के दस कदम की दूरी पर सीतापुर बाया बुढवल रेल खंड की रेल लाइन है तो दूसरी तरफ पाच कदम की दूरी पर तालाब है।वहां आगे जाने का कोई मार्ग नहीं है।ग्रामीणों का कहना था कि तालाब के किनारे तथा तालाब को काटकर रास्ता बनाये जाने के बाद ही इस पंचायत भवन का अस्तित्व सुरक्षित हो सकता है।गांव में तमाम सरकारी भूमि इससे ठीक स्थानो पर उपलब्ध है।लेकिन प्रधान का घर वहां से ही नजदीक है और यह सब ग्राम सचिव और जिम्मेदार अधिकारियो की देख रेख के अभाव मे हो रहा है।सरकारी धन के सदुयोग की बात छोड़िये यह तो सीधे-सीधे दुरुपयोग है जिसे फोटो और वीडियो से भी देखकर समझा और जाना जा सकता है।यहां पर बात इतनी ही नहीं थी ग्रामीणों ने पंचायत भवन की न्यू के करीब बरसात के सीजन में उस पर जो पानी भरा हुआ था उसके वीडियो और फोटो भी उपलब्ध कराये।इस सम्बंध मे संवाददाता ने खंड विकास अधिकारी अमित त्रिपाठी से बात की तो उन्होंने कहा कि मामले की जाँच संबंधित अधिकारी कर्मचारियों द्वारा की जायेगी अगर त्रुटि पाई गई तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जायेगी।

रिपोर्ट/कृष्ण कुमार शुक्ल/विवेक शुक्ल

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