गणेशपुर यूनानी चिकित्सालय में गंदगी का लगा अंबार

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रामनगर/बाराबंकी

केंद्र व राज्य सरकार जहां एक तरफ यूनानी चिकित्सालय को बढ़ावा दे रहे हैं। वही जिले के आला अधिकारी की नजर गणेशपुर बहराम घाट के यूनानी चिकित्सालय पर नहीं पड़ रही है। वहां पर गंदगी का अंबार है कोई भी सफाई कर्मी नहीं है। गणेशपुर के ग्रामीणों में रोष व्याप्त है गणेशपुर के वरिष्ठ ग्रामीण जितेंद्र नाथ मिश्रा व पूर्व पत्रकार दैनिक जागरण का कहना है की इस यूनानी चिकित्सालय में पहले तो डॉक्टर आते रहते थे और बढ़िया दवा व परामर्श देते थे लेकिन जब से वह रिटायर हुए हैं तब से कई लोग आए और इस गणेशपुर के यूनानी चिकित्सालय में नहीं रुके ये पद खाली है।अब गणेशपुर के ग्रामीण सिर्फ और सिर्फ राम भरोसे हैं।मालूम हो कि आला अधिकारी की नजर इस यूनानी चिकित्सालय पर नहीं पड़ रही है ऐसा क्यों है क्यों इसको इग्नोर किया जा रहा है।राजकीय आयुर्वेदिक यूनानी चिकित्सालय गणेशपुर में गंदगी की भरमार है कोई भी कर्मचारी साफ सफाई के लिए नहीं है बड़ी-बड़ी घास उग आई है कूड़ा कचरा पड़ा हुआ है। किसी प्रकार की कोई व्यवस्था इस यूनानी चिकित्सालय में नहीं है।भवन जर्जर होने के कगार पर है कोई भी मुख्य डॉक्टर नहीं है भगवान भरोसे ही यह यूनानी चिकित्सालय चल रहा है। आपको बता दें योगी सरकार के 5 वर्ष पूरे होने को हैं माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी यूनानी चिकित्सा को बढ़ावा दे रहे हैं लेकिन यूनानी चिकित्सा की मुख्य कुर्सी पर बैठे अधिकारी की नजर इस चिकित्सालय पर नहीं पड़ी है।यह सोचने योग्य है की आखिरकार जिले में कई यूनानी चिकित्सालय चल रहे हैं लेकिन गणेशपुर बहरामघाट की दशा क्यों ऐसी है।यहां सिर्फ एक ही फार्मासिस्ट है। कोई सहायक नहीं है। कोई डॉक्टर नहीं है।लोगो का कहना है यहां के यूनानी चिकित्सालय में कोई भी चिकित्सा अधिकारी नहीं टिकता है।आपको बता दें 2 वर्ष से मुख्य डॉक्टर की कुर्सी खाली है चतुर्थ कर्मचारी 6 माह से नही हैं।एक मात्र फार्मासिस्ट राजेश कुमार श्रीवास्तव के सहारे यूनानी चिकित्सालय गणेशपुर चल रहा।केन्द्र एंव प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओ के प्रति सजग रहकर आयुवेर्दिक उपचार को निरन्तर बढावा दे रही है।लेकिन तहसील रामनगर के अन्तर्गत राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय गनेशपुर मे वर्षो से कोई चिकित्सक और चार माह से कोई सफाई कर्मचारी तैनात नही किया जा सका है।जिसके चलते जागरुक जन सवाल उठा रहे है।मालूम हो कि राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल गनेश पुर मे कोई सफाई कर्मचारी न होने से गंदगी का साम्राज्य है।यहा वर्षो से चिकित्सक की तैनाती न होने से क्षेत्र के लोगो को बेहतर आयुवेर्दिक उपचार नही मिल पा रहा है।वैश्विक महामारी के शुरुवाती दिनो मे क्षेत्र के कई दर्जन गांवो के ग्रामीण यहा आकर परामर्श और आयुर्वेदिक उपचार लेकर आत्म सन्तुष्टी भी व्यक्त करते थे।तराई क्षेत्र के लिये यह आयुर्वेदिक अस्पताल किसी वरदान से कम नही था।आज जब यह अस्पताल बीमारी का स्वंय ताज ओढे है ऐसी परिस्थती मे लोग यहा आने से भी कतरा रहे है।अब जिम्मेदार अधिकारियो की ओर से लगातार बरती जा रही घोर नाइंसाफी से आस पास गावो के लोग मायूस है।बडी संख्या क्षेत्र के जागरुक जनो ने प्रदेश सरकार के मुखिया आदित्यनाथ योगी से इस अहम मुद्दे पर संज्ञान लिये जाने की माग की है।

रिपोर्ट/कृष्ण कुमार शुक्ल/विवेक शुक्ल

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