बाराबंकी:हमारी हिंदुस्तानी तहजीब और संस्कृति क्षीण हो रही राजनेताओं में नहीं रहा जन सेवा का भाव-मोहसिना किदवई

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ब्यूरो रिपोर्ट/कृष्ण कुमार शुक्ल।
बाराबंकी में आज अपने पैतृक आवास पर कांग्रेस की पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा वर्तमान राजनीत परिवेश और राजनेताओं के कार्य व्यवहार से श्रीमती मोहसिना किदवई द्रवित है। उनका कहना है कि वर्तमान राजनेताओं में जनसेवा का अभाव हैं। कांग्रेस के कद्दावर नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती किदवई बताती है कि जैदपुर विधानसभा क्षेत्र जो पहले मसौली विधानसभा क्षेत्र हुआ करता था, मेरी राजनैतिक कर्मभूमि रही हैं। अपनी राजनीतिक पारी की शुरूआत हमने इसी विधानसभा क्षेत्र मसौली से की।और यहां से विधायक और मंत्री भी बनी। यहां की आवाम मेरे परिवार के सदस्य की तरह हैं। श्रीमती किदवई वर्तमान परिवेश और राजनीतिक स्तर में गिरावट को लेकर काफी दुखी है। उनका कहना है कि हमारी हिंदुस्तानी तहजीब और संस्कृति क्षीण हो रही है। अब इंसानियत का भाव मिटता जा रहा है। राजनेताओं में भी अब जनसेवा का भाव नहीं रहा।उम्र के चौथे पड़ाव पर गजब जज्बा पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्रीमती मोहसिना किदवई आज जब अपने गृह आवास बड़ागांव आई तो उनके जानने एवं चाहने वालों की भारी भीड़ उमड़ी थी। दलगत भावना से उठकर जनपद के कोने-कोने से आयें लोगों से वे बड़े ही आत्मिक भाव से मिली। हर किसी के परिवार का कुशल क्षेम भी उन्होंने जाना। हर आने जाने वाले के चाय पानी की भी फिक्र उन्हें थी। उनका आत्मिक भाव देखते ही बना। कोटवा धाम से हैं शब्द सुनते ही हुए भाव विभोर हुई एक पल भी रुके बिना ही स्मृति शेष महंत जगन्नाथ बख्श दास से अपने आत्मिक रिश्ते पर चर्चा करने लगी, कहती है कि महंत जी जैसे महान राजनेताओं अब नहीं होंगे। बाबा जी से उन्होंने कोटवा निवासी हर उस शख्स का हाल पूछा जिसे वे जानती है। अपने हाथों से वरिष्ठ पत्रकार मोहम्मद तारिक खान व महंत बी.बी दास को उन्होंने अपने हाथों से गरम गरम समोसे खिलाएं और खुद भी खाया।
इसी बीच जैदपुर विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस प्रत्याशी तनुज पुनिया सभी वहां पहुंचे। उन्हें भी सियासत में आगे बढ़ने का आशीर्वाद मिला।बड़ागांव कोठी पर सैकड़ों समर्थकों की भीड़ को पूर्व प्रदेश कांग्रेस के पूर्व महासचिव फवाद किदवई, प्रत्येक मिलने आने वालें का स्वागत करते देखा गया। जिन्हें वो नहीं पहचान पा रही थी उनका परिचय भी श्री फवाद बता रहे थे।श्रीमती मोहसिना किदवई से मिलवा रहे थे। कोटवा धाम का नाम सुनते ही उनकी आंखें चमक उठी चेहरे पर अजीब भाव दिखा महंत बीपी दास को उन्होंने अपने पास बैठाया और स्मृति शेष महंत जगन्नाथ बख्श दास से अपनी आत्मीयता का बखान कर डाला। नेमा उन्होंने महान जी को महान आत्मा बताया। श्रीमती किदवई के शहर से करीब 16 किलोमीटर दूर बड़ा गांव स्थित आवास पर शिक्षाविद, कानूनविदों वह चिकित्सकों की खासी तथा दिखी। अधिवक्ता पंडित रमन द्विवेदी तो उनके बहुत ही करीबी है, पुराने साथियों से उन्हें रूबरू करा रहे थे। मुख्य रूप से पूर्व राज्यसभा सदस्य ए.पी.गौतम, पूर्व विधायक शिव करन सिंह ,पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मो.मोहसिन डीडीसी जंग बहादुर पटेल संख्या में राजेन्द्र वर्मा फोटोवाला, सरजू शर्मा, इरफान कुरैशी, महबूब उर रहमान किदवई, फारूख मोबिन, के.सी.श्रीवास्तव, रामानुज यादव, प्रेमनरायण मिश्रा, प्रेमनरायण शुक्ला, पंकज शुक्ला, सईद अहमद, वसीम गाजी, कमलेश गौतम, तैयब किदवई, अरशद इकबाल गौरी यादव, सोनम वैश्य, प्रीति शुक्ला, अमित गौतम, राजपरीक्षित सिंह, जयन्त गौतम, मुब्बसिर अहमद, ताज किदवई, सुरेश यादव, अजीत वर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

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