बाराबंकी:गोकुल भवन अयोध्या धाम से पधारे कथाव्यास रासबिहारी महाराज की श्रीमद्भागवत कथा से भक्त हुवे मंत्रमुग्ध।

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रिपोर्ट/कृष्ण कुमार शुक्ल/विवेक शुक्ल

सूरतगंज बाराबंकी। सूरतगंज चौराहे पर स्थित हनुमान मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा जो मंगलवार के छठे दिन गोकुल भवन अयोध्या धाम से पधारे कथाव्यास रासबिहारी जी महाराज ने विस्तार पूर्वक महारास कंसवध उद्धव संदेश तथा रुक्मिणी मंगल तक की कथा सुनाई। कथाव्यास ने उद्धव प्रसंग पर मार्मिक व्याख्यान देते हुए कहा कि उद्धव जी देवगुरु बृहस्पति के शिष्य और महाज्ञानी हैं। परंतु भक्ति के बिना ज्ञान शुष्क होता है और भगवान भक्ति के आधीन हैं ज्ञान के नहीं। परंतु ब्रज में पहुंचकर उद्धव का ज्ञान गुमान तिरोहित हो गया और वह प्रेमलक्षणा भक्ति के परम अधिकारी हुए। इस कथाक्रम में वृंदावन के कलाकारों द्वारा मोर भगवान का नृत्य तथा भगवान श्रीकृष्ण रुक्मिणी आदि की मनमोहक झांकियों से उपस्थित की गई जिसे देख श्रोतावृंद भावविभोर हो गए और पंडाल में उपस्थित भक्तगणों को मजबूर कर दिया थिरके लगाने पर। इस अवसर पर आयोजक रामकिशोर दीक्षित, विनोद कुमार दीक्षित, हरिओम, रोहित दीक्षित, पंकज शुक्ला , बसंत हयारण सहित अन्यान्य गांवों से आये सैकड़ों श्रोता उपस्थित रहे।