रामनगर तहसील क्षेत्र में सरकार के द्वारा बनवाई गई कुछ टंकिया साबित हो रही शो पीस

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रामनगर/बाराबंकी

रामनगर तहसील के अंतर्गत आने वाले कई क्षेत्रों में जल निगम द्वारा करोड़ों खर्च कर पेयजल योजना होने के बाद भी मेन पाइप में लीकेज के कारण ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि बीच-बीच में कई सप्ताह पानी बंद कर दिया जाता है। जिम्मेदार अधिकारियों की खांऊ कमाऊ नीति के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल के लिये बनवाई गई पानी की टंकिया शो पीस साबित हो रही है।पंचायत के जिम्मेदार भी अपने अधीन लेकर ग्रामीणो से भारी छलावा कर रहे है।लोगो आश्चर्य तो इस बात का है कि प्रति टंकी के निर्माण कार्य पर व्यय करने के बावजूद शुद्व पेयजल का सपना बहुत दूर की कौड़ी है।क्षेत्र मे शायद ही कोई गांव ऐसा हो जहा के ग्रामीण नियमित रुप से कार्यदायी संस्था जलनिगम की टंकियो से पानी की आपूर्ति पा रहे हो। बताते चले निर्माण कार्य से लेकर पाईप की क्वालिटी महाघटिया होने के चलते वह पानी के प्रेशर को रोक नही पाते है।भूमिगत डाले पाईप मानक विहीन होने के चलते थोड़ी देर भी पानी का दबाव रोक पाने में असमर्थ साबित हो रहे हैं।वह पानी सड़क मार्गों पर बहने लगता है जिससे गांव में कीचड़ और लोगों का राह चलना मुश्किल हो जाता है।टंकी से घरों में पानी की आपूर्ति के लिये जो पाइप लाइन बिछाई गई थी उसका पाइप बहुत ही घटिया किस्म का होने के चलते टंकी से पानी की सप्लाई शुरू होते ही लीकेज शुरु हो जाता है।और पाईप फटने लगते है जिससे पानी इधर-उधर भरा रहता है गांव की गलियों में वह पानी कीचड़ का रूप ले लेता है।जिससे आवागमन में भी लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।अब जुरौन्डा गांव मे 5 वर्ष पहलै पानी की टंकी का निर्माण कार्य शुरु हुआ था।जो छः माह पूर्व पूर्ण भी हो गया विभागीय जानकारो के मुताबिक जगह जगह लीकेज होने के चलते ठेकेदार ने कुछ प्रसाद चढ़ाकर गुप चुप तरीके से उसे पंचायत के अधीन कर दिया।शुद्व पेयजल ग्रामीणो को आज तक नही मिला लेकिन करीब एक किलोमीटर खडन्जा ठेकेदार के द्वारा खोद जाने के कारण बरसात मे तो उस पर राह निकलना दूभर था वह आज भी वैसे ही पड़ा हुआ है जबकि सड़क मार्ग की खुदाई का जुर्माना भी भरा गया।बाद पंचायत को गुप्त तरीके से और कर दी गई और ग्रामीणों को आज तक पानी मुहैया नहीं हो सका यहां जल निगम के ठेकेदार के द्वारा लोक निर्माण विभाग की ओर से बनाई गई सड़क को भी खोद डाला गया बिना अनुमति के खोदी गई सड़क में का हर्जाना भी भरा गया। डडियामऊ गांव में भी पानी की टंकी अभी तक चल नहीं पाई है क्षेत्र के शायद ही कोई ऐसा गांव हो जहां करोड़ों रुपए की लागत से बनी यह पानी की टंकियां ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवा रही हो।कुछ गावो मे एक दो दिन पानी की सप्लाई देकर फिर कुछ दिन तक कीचड़ सूखने का इंतजार होता है।खैर यह तो मात्र बानगी है।क्षेत्र के जागरुक जनो ने प्रदेश सरकार के मुखिया आदित्यनाथ योगी से शुद्व पेय जल की अहम समस्या के प्रति करोड़ों अरबो रुपये व्यय हो जाने के बाद ग्रामीणो को लाभ क्या मिला जचवाये जाने की मांग की है। अब देखना यह है की जिम्मेदार मामला को संज्ञान में लेते हैं या ऐसे ही अनदेखा करते हैं।

रिपोर्ट/कृष्ण कुमार शुक्ल/विवेक शुक्ल

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