बाराबंकी:देवोत्थान एकादशी के दिन माता तुलसी व भगवान नारायण की पूंजा कर मनाया गया जेठान पर्व।

0
122

ब्यूरो रिपोर्ट:-कृष्ण कुमार शुक्ल/बाराबंकी

बाराबंकी के रामनगर के विभिन्न गांवों व नगरों में श्रद्धा व उत्साह के साथ जेठान पर्व मनाया गया। इस पर्व को देवत्थान पर्व के रूप में भी मनाते हैं। लोगों ने ईख, सुथनी, शकरकंद, कदू का खीर समेत विभिन्न प्रकार के फलों का नैवेद्य लगाकर भगवान विष्णु की पूजा अर्चना कर प्रसाद का वितरण किया। साथ ही तुलसी का विवाह किया गया। पूजा के उपरांत सभी तरह के मांगलिक कार्य शुरू हो गये।इस तिथि को भगवान विष्णु चार माह के बाद शयन मुद्रा से जागते हैं। देवोत्थान एकादशी से ही शादी ब्याह, तिलक, फलदान समेत वैवाहिक कार्यक्रम शुरू होते है।
जेठान पर्व को लेकर शहरों की बाजारों में सोमवार को भीड़ भाड़ काफी बढी रही। स्थानीय बाजारों में ईख की अस्थाई दुकानें लगी थी। लोगों ने जमकर इसकी खरीदारी की। हालाकि रविवार से ही यहां के बाजारों में ईख पहुंच गयी थी। कई लोगों ने रविवार को ही इसकी खरीदारी की। जैसा ईख वैसा दाम। दरअसल जेठान त्योहार में ईख का काफी महत्व माना गया है। इससे पूजा की जाती है तथा देवी देवताओं पर इसे चढ़ाया भी जाता है। हिन्दू धर्म में आस्था रखने बाले लगभग तमाम घरों में ईख की खरीदारी होती है। पूरी आस्था के साथ लोग पूजा अर्चना भी करते हैं। जेठान के दिन ईख चुसने की भी परंपरा रही है। साल में इस एक दिन ईख के दाम भी आसमान पर होते हैं। चुंकि इसकी मांग बढ़ जाती है। यहां के ग्रामीण क्षेत्रों में पहले की अपेक्षा इसकी खेती काफी कम हो गयी है इसके कारण इस पेशे में लगे व्यापारियों को ईख बाहर से भी मंगाना पड़ता है। मखदुमपुर-टेहटा समेत अन्य स्थानीय बाजार ईख से पटा था। जहां खरीदारों की भीड़ भी देखी गयी। इधर जेठान पर्व को लेकर लोगों ने अपने-अपने घरों की साफ-सफाई कर शाम में पूजा अर्चना की। लोगों ने पारंपरिक माहौल में इस त्यौहार को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े ही हर्ष के साथ किसान अपने खेतों से गन्ने उखाड़कर बिना मूल्य लिए लोगों को देते है किसान का बहुत बड़ा दिल होता है इसीलिए किसान अन्नदाता को लोग भगवान कहते हैं क्योंकि यह अनाज पैदा करता है और बड़े हृदय वाला होता।धूमधाम से ग्रामीणों ने इस पर्व को माता तुलसी की पूजा कर भगवान विष्णु जी की पूजा कर त्यौहार मनातेहैं।ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गन्ना किसानों के द्वारा मिल जाता है।लेकिन शहरी क्षेत्रों में लोग खरीद कर गन्ने का जेठान पर्व एकादशी मनाते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here