शिक्षकों की आपस में चल रही राजनीति के चलते मिल रहा अराजकता को बढ़ावा

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रामनगर/बाराबंकी

रामनगर तहसील के अंतर्गत दशक वर्षों से चल रहा यूनियन इण्टर कालेज रामनगर क्षेत्र में अमीर गरीब सभी के लिए उत्तम शिक्षा का एकमात्र सहारा बना हुआ है इसमें सुन्दर एंव शैक्षिक वातावरण के लिये शिक्षा व्यवस्था शासन के चलते बहुत ही अच्छी शिक्षा बच्चों को प्रदान कराई जा रही है।वही कुछ विद्मालय के वरिष्ठ शिक्षक ही आपस की राजनीति का शिकार बन कर जब अराजकता और अव्यवस्था बढाये जाने के जिम्मेदार पाये जा रहे हो तब जागरुक जनो की ओर से सवाल उठना लाजिमी है।यह सब तब है जब प्रधाना चार्य की ओर से निरन्तर किये जा रहे अच्छे प्रयास और कड़ी मेहनत लोगो मे चर्चा का विषय है।मालूम हो कि तहसील रामनगर के अन्तर्गत क्षेत्र मे मैटि्क के बाद यूनियन इण्टर कालेज की बहुत ही प्रभावी भूमिका है।कई हजार छात्र छात्राएं  यहा से शिक्षा ग्रहण कर प्रति वर्ष जनपद और राजधानी का रुख कर आगे बढ़ जाते है।लेकिन कुछ वर्षो से यहा वरिष्ठ शिक्षको के आपस मे चल रही राजनीति के चलते धीरे धीरे अराजक गतिविधियो को बल मिल रहा है।जिससे प्रधानाचार्य दिनेश कुमार सिंह की ओर से निरन्तर हो रहे अच्छे प्रयास भी राजनीति का शिकार बन जाते है।बताते चले विगत बृहस्पतिवार को विद्मार्थियो के मध्य की अराजकता पक्ष विपक्ष के रुप मे प्रधानाचार्य के सामने आ गयी जिस पर उन्होने त्वरित रुप से संज्ञान लेकर सभी के अभिभावको को तलब कर लिया।इस दौरान आरोपी छात्र अंश भार्गव सोनी जो कक्षा दस मे  पढ़ता है किसी तरह फरार हो गया फिर क्या उसके परिजनो ने प्रधानाचार्य के ऊपर अपना लड़का गायब करने का आरोप मढ दिया गनीमत यह रही कि पुलिस के आरोपो के तहत दोषी ठहराने से पहले ही शुक्रवार को दिल्ली मे किसी कैन्टीन से फोन कर लड़के ने घरवालो को वहा स्वंय के होने की जानकारी दे दी।सूत्रो के मुताबिक इसके बाद थाने से आये फोन पर यह कहा गया कि आपकी गर्दन बच गयी।यहा पर बात इतनी ही नही है।विद्मालय मे अराजकता की आहट से दुखित हुये प्रधानाचार्य ने अनुशासन समिति को एजेन्डा जारी कर सभी से स्वच्छ सुन्दर माहौल बनाये रखने मे सहयोग की अपेक्षा की।जिससे सभी लोग जागरुक बने रहे।मगर यह क्या प्रधानाचार्य की ओर से चाहे गये सहयोग पर वरिष्ठ शिक्षक सुधाकर दीक्षित ने लिखा पढ़ी मे अपनी असहमति दर्ज कर दी।इस समबंध मे विभागीय जानकारो से मिली जानकारी के बाद हमारे संवाददाता ने प्रधानाचार्य से जब बात की तब उन्होने सहयोगी शिक्षक की ओर से सहयोग करने मे असमर्थता जताये जाने वाले मामले को अनसुना करते हुये कहा कि विद्मार्थियो के मध्य अराजकता का यहा पर कोई स्थान नही है।जो छात्र एंव छात्राये विद्मालय के निर्देशो का पालन नही करेगे उन्हे यहा से बाहर का रास्ता दिखाया जायेगा।.               

       रिपोर्ट/कृष्ण कुमार शुक्ल/विवेक शुक्ल.      

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