हैदरगढ़:ईमानदार कप्तान के साख पर बट्टा लगा रहे पुलिसकर्मी

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कोतवाली हैदरगढ़ में होती है खुले आम मादक पदार्थों की बिक्री।
उत्तरप्रदेश के बाराबंकी जिले की तहसील हैदरगढ़ में नसीले मादक पदार्थ से युवा पीढ़ी हो रही बर्बाद पैसे के चक्कर में जानबूझकर अंजान बनी हैदरगढ़ पुलिस जी हां हम बात कर रहे हैं कोतवाली हैदर गढ़ की जहां पर बाराबंकी में जहां एक और अपराधियों पर लगाम व कड़ी कानूनी कार्यवाही को लेकर ईमानदार कप्तान की चर्चा आम जनमानस में जोरों पर है तो वहीं दूसरी ओर उन्हीं की अधीनस्थ हैदर गढ़ पुलिस सरे आम गांजा जैसे मादक पदार्थों की खुलेआम बिक्री करा रहे हैं।चाहे कोतवाल साहब के ड्राइवर हो चाहे सीओ साहब के ड्राइवर सब साहब के नाम पर एकमुश्त माहवारी लेकर खुलेआम मादक पदार्थों की बिक्री कर आते हैं। कोतवाली हैदरगढ़ क्षेत्र अंतर्गत अवसान ईश्वर रोड पर रानापुर गेट के 100 मीटर आगे भांग के ठेके के लाइसेंस के नाम पर खुलेआम गांजे की पुड़िया की बिक्री की जाती हैं। अक्सर युवाओं को ₹80 से लेकर ₹800 तक की गांजे की पुड़िया सरेआम खरीदते हुए कभी भी देखा जा सकता है ऐसे में सवाल उठता है कि भ्रष्टाचार व अपराधियों पर लगाम मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर लगाम लगाने की ईमानदार कप्तान साहब के स्पष्ट निर्देशों की धज्जियां उड़ाना है।नगर पुलिस के लिए एक आम बात हो गई सूत्र बताते हैं कि बाराबंकी जनपद से ही शुरु यह गोरखधंधा दिन प्रतिदिन फल फूल रहा है जहां एक और सरकार बाल श्रमिकों को काम करने से रोकती है तो वही हैदर गढ़ पुलिस पर यह नियम लागू नहीं होता गांजा जैसे मादक पदार्थों की बिक्री के लिए इन पैसे की हवस ठेकेदारों द्वारा नाबालिक लड़कों का शोषण कर तीन से ₹4000 महीना वेतन पर इनसे अवैध गांजे का कारोबार कराया जाता है और यह नाबालिक लड़के खुलेआम कहते हैं कि मालिक हमारा सब जगह पैसा देता है तो हम माल भेजते हैं जो करना है कर लीजिए ऐसे में सवाल उठता है कि युवा पीढ़ी को बर्बादी की तरफ धकेलने वाला या नसा और यह मादक पदार्थ की बिक्री आखिर किसके आदेश पर होती है। स्थानीय लोगों में यह एक यक्ष प्रश्न बन गया है सूत्रों की माने तो कई बार की गई शिकायतों पर शिकायतकर्ता पर ही पुलिस अपना जुल्म ढा देती हैं।और यह अवैध तस्कर पुलिस सांठगांठ कर विगत चार-पांच वर्षों से अपना धंधा हैदर गढ़ में बहुत जोरों से चला रहे हैं। सुबह होते ही देर शाम तक यहां गांजे की बिक्री अवैध रूप से निरंतर जारी रहती है और तो और स्थानीय पुलिस से लेकर हल्के तक के सिपाही इस धंधे में शामिल रहते हैं ऐसे में सवाल उठता है कि जहां एक और प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ निरंतर तस्करों की कमर तोड़ने में लगे हैं तो वहीं दूसरी ओर कागज की मोटी गड्डी की नोटों के चक्कर में स्थानीय पुलिस प्रशासन मुख्यमंत्री के निर्देशों को खुली चुनौती देते हुए अवैध गांजे की तस्करी करा रहा है। यदि जल्द ही इन गांजे के अवैध तस्करों पर कड़ी कार्यवाही नहीं की गई तो यह युवा पीढ़ी जो बर्बाद हो रही है अपना घर बार बेचने पर भी मजबूर हो जाएगी ऐसे में सवाल उठता है कि स्थानीय प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी अनजान क्यों है। लोगों ने उम्मीद जताई कि बाराबंकी के तेजतर्रार ईमानदार कप्तान यमुना प्रसाद के रहते हैदरगढ़ तहसील में यह सब संभव नहीं हो सकता लोगों ने बाराबंकी के पुलिस कप्तान से इन काले कारनामों की शिकायत की है।
रिपोर्ट:संवाददाता आशीष मिश्र उर्फ शेरू।

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