बाराबंकी:अनचाहे गर्भ से पाया जा सकता है छुटकारा-समन्वयक सपना वर्मा

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मसौली बाराबंकी। अनचाहे गर्भ से छुटकारा पाया जा सकता है। कानून कुछ विशेष परिस्थितियों में इसकी इजाजत देता है। स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ताओं को चिकित्‍सकीय गर्भ समापन सेवाओं के बारे में जानना जरूरी है। जरूरतमन्‍द महिला को सही समय पर जानकारी देकर महिलाओं को नीम-हकीमो एव अप्रशिक्षित दाइयों से बचाया जा सकता है।
उक्त बातें मंगलवार को मसौली चौराहा स्थित मयूर होटल में पाई परियोजना के तत्वावधान में सहयोग संस्था लखनऊ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में रूबरू होते हुए क्षेत्रीय समन्वयक सपना वर्मा ने कही उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकार, उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने गर्भपात कराने की अधिकतम सीमा 24 सप्ताह (छह महीने) कर दी है। सपना वर्मा ने बताया कि 24 सप्ताह के गर्भपात में एक बात महत्वपूर्ण यह है कि दो रजिस्टर्ड डॉक्टर्स की अनुमति होना चाहिए, जिसमें एक डॉक्टर का सरकारी होना जरूरी है।
प्रशिक्षक रितु वर्मा ने बताया की मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 में बदलाव करते हुए 29 जनवरी 2020 को भारत सरकार ने गर्भपात कराने के लिए अधिकतम सीमा 20 सप्ताह से बढ़ाकर 24 सप्ताह करने की अनुमति दे दी है और मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (संशोधन) बिल 2020 को मंजूरी भी मिल गयी है।
सहयोग संस्था के पर्वेक्षक शिशुपाल सिंह यादव ने जिला प्रशासन से 10 सूत्रीय मांगों को बताते हुए कहा कि गर्भ समापन में सुधार की जरूरत है तथा दवाओं एव उपकरण की आपूर्ति सुचारू होनी चाहिए तथा प्रशिक्षित स्टाफ का विस्तार कर गर्भ समापन के बाद की सुविधाएं बेहतर होनी चाहिए। पर्वेक्षक शिशुपाल सिंह ने एम टी पी एक्ट 1971 संसोधन 2020 का अनुपालन कराया जाय। इस मौके पर विभिन्न गांव से आयी महिलाएं मौजूद रही।

रिपोर्ट/कृष्ण कुमार शुक्ल/विवेक शुक्ल।

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