बाराबंकी:सहादतगंज गणेश विसर्जन करने गए पांच लोगों की कल्याणी नदी में डूबने से मौत

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रिपोर्ट/मंडल बाराबंकी हेड कृष्ण कुमार शुक्ल
बाराबंकी। थाना क्षेत्र के ग्राम सहादतगंज में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान कल्याणी नदी के तेज बहाव में माँ एव उसके दो बेटे सहित पाँच लोग डूब गये रेस्क्यू में जुटी टीम को अभी तक केवल महिला का शव बरामद हुआ है। पुलिस अधीक्षक डॉ0 यमुना प्रसाद सहित क्षेत्रीय विधायक शरद अवस्थी, पूर्व मंत्री राकेश वर्मा ने घटना स्थल का जायजा लिया तथा शवो की तलाश के लिए रामपुर पुल पर जाल लगाया गया है।
कस्बा सहादतगंज निवासी नरायणधर पांडेय के आवास पर गणेश चतुर्थी के मौके पर स्थापित गणेश प्रतिमा के विसर्जन के लिए कई लोग रामलीला मैदान के पीछे स्थित कल्याणी नदी भोहरा घाट पर 55 वर्षीय नरायणधर पांडेय पुत्र हरिश्चंद्र पांडेय, 48 वर्षीय मुन्नी पत्नी मदन पटवा व उसके दो पुत्र 28 वर्षीय नीलेश पटवा व 18 वर्षीय पुत्र सूरज पटवा व 20 वर्षीय धर्मेन्द्र कश्यप पुत्र सीताराम के साथ गणेश प्रतिमा का विसर्जन करने गये थे। बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण नदी काफी उफान पर है तथा काफी दूर तक पानी का फैलाव होने के कारण नदी की तेज धारा में चले गये और एक एक कर सभी नदी में समा गये। घटना की सूचना कस्बे में पहुँचते ही कोहराम मच गया और हजारो लोगो की भीड़ घटना स्थल पर जुट गयीं। जानकारी पर पहुँचे प्रभारी निरीक्षक सुमित कुमार श्रीवास्तव ने उच्च अधिकारियों को सूचना देकर रामपुर पुल के निकट जाल लगवाकर तलाश शुरू करायी परन्तु चार घण्टे से अधिक समय बीतने के बाद भी किसी का भी शव बरामद नही हो सका। घटना स्थल पर क्षेत्रीय विधायक शरद अवस्थी, पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद, अपर पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी रामनगर दिनेश दुबे ने घटनास्थल का जायजा लिया।
माँ की ममता को नदी ने लिया आगोस में
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रतिमा विसर्जन के दौरान जैसे ही लोग आगे बढ़े तभी नरायणधर पांडेय, धर्मेन्द्र कश्यप एव सगे भाई नीलेश पटवा एव सूरज पटवा नदी की तेज बहाव में आ गये बेटो को नदी में डूबता देख माँ मुन्नी ने अपनी साड़ी को खोलकर बचाव के लिए नदी में फेंका पुत्रो द्वारा साड़ी पकड़ने पर माँ भी तेज बहाव में आ गयी और पांचो एक साथ कल्याणी की धारा में समा गये।
अंतिम बेटी की तैयारी में लगे थे नरायणधर पांडेय
गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान कल्याणी नदी में डूबे नरायणधर पांडेय के मात्र 5 पुत्रियां थी जिसमे चार बेटियों की शादी कर चुके थे तथा सबसे बेटी अंतिम पांडेय के हाथ पीले करने के लिए गणेश चतुर्थी से पूर्व रिस्ता देखकर आये थे। रविवार को गाजेबाजे के साथ नदी में प्रतिमा विसर्जन के दौरान काल के गाल में समा गये।
टूट गयी बुढ़ापे की लाठी पत्नी सहित दो पुत्रों को लील गयी कल्याणी नदी
बेहद गरीबी में जीवन बसर कर रहे 55 वर्षीय मदन पटवा कस्बे में ही धागा आदि बेचकर परिवार चलाते है प्रतिमा विसर्जन में मदन पटवा की पत्नी मुन्नी व दो पुत्र नीलेश व सूरज गये थे । विसर्जन के दौरन दोनों पुत्र नदी में बहने लगे बचाने के लिए माँ मुन्नी ने साड़ी फेंकी जिससे मुन्नी भी नदी की धारा में पहुँच गयी। दो पुत्र एव पत्नी की नदी में डूबने से हुई मौत से सदमे में बैठे मदन की आंखे निरन्तर नदी की ओर ताक रही है कि शायद कोई बुढ़ापे का सहारा जिंदा निकल आये परन्तु नदी से पत्नी की निकली लाश को देख मदन दहाड़ मारकर बेहोश हो गया। मदन का एक पुत्र रितेश मुम्बई में है।
बुढ़ापे का छुटा सहारा
छोटे भाई शंकर कश्यप के पुत्र को पालपोस कर जवान करने वाले मृतक धर्मेन्द्र कश्यप के बुजुर्ग माता साबित्री एव पिता सीताराम का रो रो कर बुरा हाल है। 6 माह की आयु में धर्मेन्द्र की माता की मृत्यु पर बेओलाद बड़ी माँ साबित्री ने बड़े ही लाड़ प्यार से धर्मेन्द्र को बड़ा किया परन्तु अब बुढ़ापे का सहारा नदी में समा जाने से बेहाल है।
चार घण्टे के रेस्क्यू के बाद महिला का शव
रविवार की दोपहर करीब 1 बजे नदी में डूबे लोगो की तलाश में जुटी मसौली पुलिस स्थानीय गोताखोरों के सहारे घटना स्थल से करीब सौ मीटर की दूरी से महिला मुन्नी देवी का शव बरामद कर सकी तथा अन्य शवो की तलाश में गोताखोर जुटे रहे।

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