बाराबंकी:तेज हवा व बारिश से किसानों की धान की फसल बर्बाद होने के कगार पर।

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NARADSANVAD.IN
बाराबंकी ।उत्तरप्रदेश के बाराबंकी जनपद में बुधवार की बीती रात हुई बारिश ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया। जिससे तैयार धान की फसल कटने से पहले ही जलमग्न हो गई। धान की फसल कटने की शुरुआत एक महीने बाद होनी थी। किसान अब अंतिम चरण में फसल बर्बाद होने से सदमें में आ गया है।
पैदावार में आएगी गिरावट लगातार तेज बारिश से किसानों की धान की लहलहाती फसल पर बर्बाद होने का संकट मंडराने लगा है। बारिश के साथ आई तेज हवा ने धान की फसल को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है।
कहीं -कहीं गरीबों के आशियाने भी गिरे है। जिले भर में कई मौते भी हुई है।कई लोग घायल भी हुए है।खेतों में लगभग तैयार खड़ी धान की फसल हवा के तेज झोंकों ने जमीन पर हरी भरी फसल गिरा दी है। किसानों की मानें तो जमीन पर गिरने से धान की पैदावार में भारी गिरावट आएगी।
भविष्य पर संकट मडराने लगा है।बर्बाद हुई फसल के बारे में किसानों का कहना है कि इस बारिश ने उनके भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। अब कैसे काम चलेगा यह समझ में नही आ रहा है। पूरी फसल खेतों में पानी भर जाने से डूब गई है जो अब सड़ना शुरू हो जाएगी। उनके ऊपर काफी कर्ज है।अगर सरकार कर्ज माफ भी कर देती है।तो उनके बच्चों के मुंह तक खाने का निवाला कैसे पहुंचेगा। यह चिन्ता उनको खाये जा रही है। रात भर की बारिश ने उनका सब कुछ बर्बाद कर दिया है।और अभी बारिश जारी है।देखो इंद्रदेव कब तक शांत होते है।इस बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान उन किसानों को हो सकता है जो अगमन खेती किये है।उनकी धान की फसल निगरने लगी थी जिससे धान का पौधा वजन हो गया।जिससे पवन देव की तेज हवा ने फसल गिरा दी।और इंद्रदेव ने वर्षा कर फसल को डुबो दिया जिससे फसल के सड़ने का खतरा बढ़ गया है।भारत सरकार अगर इन किसानों पर मरहम लगा दे तो कुछ राहत मिल सकती है।तराई के किसान एक तो बाढ़ से परेशान है दूसरी तरफ प्रकृति ने तेज हवा के साथ बारिश कर दी है।अब देखो इस देश के किसान का क्या होता है।
रिपोर्ट/मंडल हेड कृष्ण कुमार शुक्ल/नारद संवाद समाचार बा

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