उत्तरप्रदेश:योगी सरकार ने 42 हजार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की, महिला सुरक्षा के लिए उठाए बड़े कदम, पढ़ें रिपोर्ट –

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रिपोर्ट/कृष्ण कुमार शुक्ल


उत्तर प्रदेश, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साल 2017 में सत्ता संभालने के बाद से प्रदेश में कानून-व्यवस्था में बड़ा सुधार आया। गौतमबुद्ध नगर से गाजीपुर तक उन्होंने अपराधियों और अपराध को खत्म किया। अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी समेत सैकड़ों माफिया और बाहुबलियों के साम्राज्य को जमींदोज किया। कानून का राज हुआ तो महिलाओं को आजादी मिली। व्यवसायियों ने राहत की सांस ली और प्रदेश में खूब निवेश हुआ। कानून व्यवस्था को चाक-चौबन्द करने के लिए वर्तमान सरकार ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। प्रदेश सरकार ने लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, कानपुर नगर और वाराणसी में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू की। इस कदम से इन जिलों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

218 ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ स्थापित की गई हैं

यूपी 112 परियोजना को सशक्त बनाते हुए संसाधनों में भी वृद्धि की गई है। औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सुरक्षित वातारण उपलब्ध कराने के लिए लिंक सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया है। वीमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181 सेवा के एकीकरण से प्रदेश की महिलाओं को सुरक्षित माहौल में जीने का अवसर प्राप्त हो रहा है। ‘मिशन शक्ति’ के अन्तर्गत चलाये गये विशेष अभियान के तहत 5,26,538 आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इसके अलावा प्रदेश के 1,535 थानों में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। 218 ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ महिलाओं से जुड़े अपराधों में त्वरित कार्रवाई कर सुरक्षा और विश्वास का वातावरण बना रहे हैं।

16045 लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई हुई

प्रदेश सरकार के एण्टीरोमियो अभियान ने महिला एवं बालिका सुरक्षा के नए कीर्तिमान प्रस्तुत किए हैं। इस अभियान के तहत 10876 अभियोग पंजीकृत किए गए। 16045 लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गयी है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों में ‘महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन’ की स्थापना महत्वपूर्ण है। वीमेन पॉवर लाइन पर मिली कुल शिकायतों में से 99.6 प्रतिशत का निस्तारण कर योगी सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

कारागारों में सीसीटीवी कैमरे लगाए

प्रदेश के कारागारों में अराजकता पर अंकुश लगाने के लिए सभी जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। दंगों एवं हिंसा के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर अशान्ति का माहौल तो बनता ही था। साथ ही सार्वजनिक सम्पत्ति का भी बड़े पैमाने पर नुकसान होता था। इस समस्या से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने हिंसात्मक कार्य में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ सार्वजनिक सम्पत्ति के नुकसान की वसूली के लिए लखनऊ एवं मेरठ मण्डल में दावा अधिकरण का गठन भी किया। सरकार लोक एवं निजी सम्पत्ति की वसूली की कार्रवाई भू-राजस्व के बकाये के रूप में कर रही है।

ई-प्रॉसीक्यूशन से मिल रही मदद

‘उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स’ की स्थापना प्रदेश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए की गयी है। साथ ही ई-प्रॉसीक्यूशन प्रणाली शुरू की गई। यह त्वरित न्याय एवं समय की बचत की दृष्टि उपयोगी साबित हो रही है। ई-प्रॉसीक्यूशन प्रणाली के उपयोग में उत्तर प्रदेश देश भर में प्रथम स्थान पर है।

139 अपराधी एनकाउंटर में मारे गए

प्रदेश सरकार अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन कर रही है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक लगभग 139 खूंखार अपराधियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है। गैंगेस्टर एक्ट के तहत 42,084 आरोपियों और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के अन्तर्गत 589 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। यह गर्व की बात है कि दुबई सरकार ने वर्ष 2019 में आयोजित इण्टरनेशनल कॉल सेण्टर एवार्ड समारोह में यूपी 112 सेवा को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इससे समझा जा सकता है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था कायम है। पुलिस-प्रशासन पूरी मुस्तैदी और इमानदारी से जनसेवा के लिए समर्पित हैं।

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